मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से वोट चोरी और करोड़ों मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोपों के बाद अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने मोर्चा संभाल लिया है। हैदराबाद में बीजेपी के शक्ति प्रदर्शन के दौरान शाह ने राहुल गांधी के दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि देश की मतदाता सूची में करीब 3 करोड़ अवैध घुसपैठियों के नाम हैं, जिन्हें हटाने की कार्रवाई की जाएगी। शाह के इस बयान के बाद SIR को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
राहुल गांधी के 13 करोड़ वोटरों वाले दावे पर अमित शाह का जवाब
अमित शाह (Amit Shah) ने अपने संबोधन में राहुल गांधी के उस आरोप को खारिज किया, जिसमें SIR के कारण करीब 13 करोड़ मतदाताओं के प्रभावित होने की बात कही गई थी। गृह मंत्री ने कहा कि इन आंकड़ों को एक साथ जोड़कर पेश करना सही नहीं है। उनके मुताबिक, लगभग 6 करोड़ मतदाता ऐसे हैं, जो अपना पुराना घर या इलाका छोड़कर दूसरी जगह जा चुके हैं। करीब 3 करोड़ ऐसे नाम हैं, जिनसे जुड़े मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है। शाह ने सवाल उठाया कि जब संबंधित लोग उस क्षेत्र में रहते ही नहीं हैं या उनका निधन हो चुका है, तो उनका नाम मतदाता सूची में बनाए रखने का क्या औचित्य है?
डुप्लीकेट नामों के साथ घुसपैठियों का भी उठाया मुद्दा
गृह मंत्री ने मतदाता सूची में गड़बड़ी का दूसरा कारण डुप्लीकेट एंट्री को बताया। उन्होंने दावा किया कि करीब एक करोड़ नाम ऐसे हैं, जो एक से अधिक जगह दर्ज हैं। इसके अलावा शाह ने लगभग 3 करोड़ अवैध घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची में होने का आरोप लगाया। उन्होंने साफ कहा कि ऐसे लोगों को वोटर लिस्ट से हटाया जाएगा। शाह के मुताबिक, मतदाता सूची में केवल पात्र भारतीय नागरिकों के नाम होने चाहिए। हालांकि, घुसपैठियों की बताई गई संख्या गृह मंत्री का दावा है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है।
SIR पर कांग्रेस को घेरा, चुनावी जीत का भी दिया हवाला
अमित शाह (Amit Shah) ने राहुल गांधी के उन आरोपों पर भी जवाब दिया, जिनमें बीजेपी की चुनावी जीत को SIR से जोड़ने की कोशिश की गई थी। उन्होंने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार बनी थी, तब इस तरह का SIR अभियान नहीं हुआ था। इसके बावजूद पार्टी को जनता का समर्थन मिला। शाह ने महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली और बिहार में मिली चुनावी सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी को हर जीत के लिए SIR का सहारा लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने तेलंगाना में भी पार्टी की राजनीतिक संभावनाओं को लेकर भरोसा जताया।
राहुल गांधी को अमित शाह का ऑफर, SIR पर बढ़ेगा सियासी घमासान?
हैदराबाद में अमित शाह (Amit Shah) का यह संबोधन ऐसे समय आया है, जब एक दिन पहले यानी 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन ने SIR और कथित वोट चोरी के खिलाफ बड़ी रैली की थी। राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की थी। इसके जवाब में बीजेपी ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत अपना शक्ति प्रदर्शन किया। अमित शाह (Amit Shah) ने राहुल गांधी के आरोपों को चुनौती देते हुए अपनी पार्टी का पक्ष रखा। हालांकि, राहुल गांधी को दिए गए कथित ऑफर की सटीक शर्तें उपलब्ध विवरण में स्पष्ट नहीं हैं। ऐसे में अब देखना होगा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर क्या जवाब देती है और SIR को लेकर जारी राजनीतिक लड़ाई आगे क्या मोड़ लेती है।
