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शादी की दावत बनी मुसीबत! दूल्हा-दुल्हन समेत 100 मेहमानों की बिगड़ी तबीयत, आखिर खाने में क्या था?

मुंबई के नाहुर वेस्ट में शादी का खाना खाने से दूल्हा-दुल्हन समेत 100 मेहमान बीमार हो गए। 31 लोग अस्पताल में भर्ती हैं। जानिए पूरी घटना और ताजा अपडेट।

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मुंबई फूड पॉइजनिंग केस: मुंबई में एक शादी समारोह उस समय अस्पताल और अफरातफरी के माहौल में बदल गया, जब शादी में खाना खाने के बाद दूल्हा-दुल्हन समेत बड़ी संख्या में मेहमानों की तबीयत खराब हो गई। नाहुर वेस्ट के एक मैरिज हॉल में आयोजित इस समारोह में करीब 400 से 500 लोग शामिल हुए थे। बताया जा रहा है कि दावत में भोजन करने वाले 70 से 100 लोगों को उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। इनमें से 31 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि शादी में शामिल लोग समारोह खत्म होने के बाद अपने घर पहुंचे ही थे कि अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। इस घटना ने शादी में परोसे गए खाने की गुणवत्ता और कैटरिंग व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

शादी की खुशियों के बीच अचानक बिगड़ी मेहमानों की तबीयत

यह पूरा मामला मुंबई के नाहुर वेस्ट स्थित नालंदा बुद्ध विहार हॉल का है। यहां 1 नवंबर को एक वैवाहिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। शादी में परिवार और रिश्तेदारों के अलावा बड़ी संख्या में मेहमान पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान सब कुछ सामान्य चल रहा था और लोग खुशी-खुशी दावत का आनंद ले रहे थे। बताया जा रहा है कि शाम करीब 4 बजे से 4:30 बजे के बीच कई मेहमानों ने भोजन किया था। इसके बाद जब लोग अपने घर लौटे तो देर रात अचानक उल्टी, दस्त, कमजोरी और घबराहट जैसी परेशानियां शुरू हो गईं। देखते ही देखते एक के बाद एक कई लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि दूल्हा-दुल्हन को भी इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाना पड़ा। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आखिरी दौर में खाना खाने वाले लोगों में इस तरह की शिकायतें ज्यादा देखने को मिलीं।

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दूल्हा-दुल्हन समेत 31 लोग अस्पताल में भर्ती, बच्चों की भी बिगड़ी हालत

घटना की जानकारी मिलते ही प्रभावित लोगों को आसपास के अस्पतालों में पहुंचाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, बीमार पड़े लोगों में से 22 को मुलुंड के एमटी अग्रवाल अस्पताल, चार छोटे बच्चों को कामगार अस्पताल और पांच अन्य लोगों को विक्रोली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुल 31 लोगों को अस्पताल में इलाज की जरूरत पड़ी। वहीं, इस मामले में एमटी अग्रवाल अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉ. कैलाश ने बताया कि उनके अस्पताल में कुल 27 मरीज भर्ती किए गए थे। इनमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल थे। मरीजों को रविवार रात करीब 11:40 बजे अस्पताल लाया गया था। उस समय कई लोगों को उल्टी और दस्त के साथ काफी कमजोरी महसूस हो रही थी। डॉक्टर के अनुसार, सभी मरीजों की हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। फिलहाल किसी की हालत गंभीर होने की सूचना नहीं है। स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारी भी मामले पर नजर बनाए हुए हैं।

रात 11 बजे के बाद शुरू हुई परेशानी, दुल्हन की तबीयत सबसे पहले बिगड़ी

पीड़ित परिवार के एक सदस्य यानी दूल्हे के मामा ने घटना को लेकर कई अहम बातें बताई हैं। उनके मुताबिक, शादी में खाना खाने के बाद सभी लोग सामान्य तरीके से अपने घर लौटे थे, लेकिन रात करीब 11 बजे से 11:30 बजे के बीच लोगों को उल्टी होने लगी। उन्होंने बताया कि सबसे पहले दुल्हन की तबीयत खराब हुई। इसके बाद परिवार और आसपास के लोगों में भी इसी तरह के लक्षण दिखाई देने लगे। उनके अनुसार, उनके समूह के करीब 30 से 40 लोग इस परेशानी से प्रभावित हुए हैं। कुछ मरीजों को कामगार अस्पताल, कुछ को दूसरे नजदीकी अस्पतालों और बाकी लोगों को विक्रोली में इलाज के लिए ले जाया गया। अस्पताल में भर्ती एक अन्य पीड़ित ने भी बताया कि उनके पड़ोस के करीब 30 से 40 लोग शादी में शामिल हुए थे और उनमें से कई की तबीयत बिगड़ गई। पीड़ितों का कहना है कि शादी जैसे खुशी के मौके पर इस तरह की घटना बेहद दुखद है और इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

कैटरर्स पर उठे सवाल, जांच के बाद सामने आएगी खाने की असली वजह

इस घटना के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर शादी में परोसे गए खाने में ऐसी क्या गड़बड़ी थी, जिसकी वजह से इतने सारे लोग बीमार पड़ गए? दूल्हे के परिवार ने कैटरिंग करने वालों और भोजन की आपूर्ति से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिवार का आरोप है कि खाने की गुणवत्ता और साफ-सफाई पर उचित ध्यान नहीं दिया गया। साथ ही शादी समारोह आयोजित करने वाले हॉल की प्रबंधन समिति की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की गई है। दूल्हे के एक दोस्त ने भी कैटरर्स की लापरवाही को इस घटना की संभावित वजह बताया है। हालांकि, अभी तक खाने में किस तरह की गड़बड़ी थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फूड पॉइजनिंग की असली वजह जानने के लिए खाद्य पदार्थों की जांच और संबंधित व्यवस्थाओं की पड़ताल जरूरी है। फिलहाल सभी भर्ती मरीजों का इलाज जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि जांच में लापरवाही किसकी सामने आती है और इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

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