Saharanpur News: जिले के लखनौती गांव में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त किए जाने का मामला सामने आने के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। नदी के पास स्थित आंबेडकर पार्क में लगी प्रतिमा को शुक्रवार देर शाम नुकसान पहुंचाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई और बड़ी संख्या में लोग पार्क में जमा हो गए। ग्रामीणों ने इस घटना पर रोष जताते हुए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया। साथ ही, मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई। घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने वाले लोग कौन हैं और पुलिस उन तक कब पहुंचेगी। प्रशासन ने आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित करने की जानकारी दी है।
चार महीने पहले स्थापित हुई थी प्रतिमा
लखनौती गांव में आंबेडकर पार्क के लिए जमीन आरक्षित है। इसी स्थान पर करीब चार महीने पहले डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित की गई थी। शुक्रवार देर शाम किसी अज्ञात व्यक्ति या व्यक्तियों ने प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना की जानकारी गांव में फैलते ही लोग पार्क की ओर पहुंचने लगे। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और लोगों ने नाराजगी जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि इस तरह की घटना से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने मांग की कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच करे और घटना में शामिल लोगों को जल्द चिह्नित किया जाए। ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त प्रतिमा की जगह नई प्रतिमा स्थापित कराने की मांग भी रखी। मौके पर मौजूद लोगों की नाराजगी को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल स्थिति संभालने के प्रयास शुरू किए, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो और गांव में शांति बनी रहे।
रात में शुरू हुई नई प्रतिमा लगाने की प्रक्रिया
डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना की सूचना मिलने पर एसपी देहात मयंक पाठक, तहसीलदार जसमेंदर सिंह, गंगोह के सीओ सुरेंद्र प्रताप गौतम और कोतवाली प्रभारी राकेश सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी मांगें सुनीं और कार्रवाई का भरोसा दिया। ग्रामीणों की ओर से रूपचंद ने पुलिस को शिकायत दी, जिसके आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। लोगों का आक्रोश कम करने और उनकी मांग पर कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने रात में ही नई प्रतिमा स्थापित कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इसके लिए मौके पर जनरेटर की व्यवस्था भी कराई गई। प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य स्थिति को सामान्य बनाए रखना और ग्रामीणों की मांग को पूरा करने की दिशा में तत्काल कदम उठाना था। घटना के बाद एहतियात के तौर पर पार्क के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई और पीएसी तैनात कर दी गई। मौके पर अब्बास चौधरी, शान, मोनू चौधरी, आजाद समाज पार्टी के अनीस अहमद, अमित कुमार, मुकेश डबरा, सचिन, शाहिद सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
आरोपियों की तलाश में जुटीं तीन पुलिस टीमें
डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त किए जाने के मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के सामने अब घटना को अंजाम देने वालों की पहचान करने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की चुनौती है। एसपी देहात मयंक पाठक ने बताया कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की तीन टीमें गठित की गई हैं। उन्होंने कहा कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है और पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। हालांकि, घटना के पीछे किसका हाथ है और प्रतिमा को किस वजह से नुकसान पहुंचाया गया, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में जांच पूरी होने और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही घटना से जुड़ी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी है, ताकि गांव में शांति कायम रहे। अब ग्रामीणों की नजर पुलिस की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी है।
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