Kaushambi News: उत्तर प्रदेश के कौशांबी में इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन के मतदान के दौरान जमकर हंगामा हुआ। नेवादा ब्लॉक स्थित मतदान केंद्र पर गाड़ियों की मौजूदगी को लेकर BJP जिलाध्यक्ष धर्मराज मौर्य और ड्यूटी पर तैनात दारोगा के बीच तीखी बहस हो गई। BJP जिलाध्यक्ष ने पुलिसकर्मी पर समाजवादी पार्टी के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया। वहीं, सपा एजेंट जितेंद्र सरोज ने धर्मराज मौर्य पर जातिसूचक शब्द बोलने का आरोप लगाया है। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में है। अब सवाल है कि मतदान केंद्र पर गाड़ियों को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ कैसे गया?
मतदान केंद्र पर गाड़ियों को लेकर क्यों भड़के BJP जिलाध्यक्ष?
जानकारी के मुताबिक, नेवादा ब्लॉक के मतदान केंद्र पर समाजवादी पार्टी से जुड़ी गाड़ियों की मौजूदगी को लेकर विवाद शुरू हुआ। BJP जिलाध्यक्ष धर्मराज मौर्य का आरोप है कि सात-आठ लोगों को लेकर एक टवेरा गाड़ी ब्लॉक परिसर में पहुंची थी। गाड़ी पर एमएलसी प्रत्याशी मान सिंह यादव का पोस्टर लगा होने की बात भी उन्होंने कही। इसके अलावा, सपा का झंडा लगी एक काली स्कॉर्पियो भी वहां खड़ी दिखाई दी। धर्मराज मौर्य ने पुलिसकर्मियों से सवाल किया कि जब बीजेपी कार्यकर्ता मतदान केंद्र से करीब 200 मीटर दूर अपने बस्ते लगाकर बैठे थे, तो दूसरी पार्टी की गाड़ियों को परिसर में प्रवेश कैसे मिला? इसी बात को लेकर उनकी पुलिसकर्मियों से बहस शुरू हो गई।
दारोगा से भिड़े धर्मराज मौर्य, SP से शिकायत का दावा
गाड़ियों के प्रवेश को लेकर सवाल-जवाब के दौरान BJP जिलाध्यक्ष ने ड्यूटी पर तैनात दारोगा पर पक्षपात करने का आरोप लगाया। उन्होंने पुलिसकर्मी से कहा कि वह सपा के एजेंट की तरह काम न करें। धर्मराज मौर्य के मुताबिक, उन्होंने पुलिस अधीक्षक यानी एसपी से फोन पर शिकायत कर संबंधित दारोगा को हटाने और गाड़ी जब्त करने की मांग भी की। उनका कहना था कि मतदान केंद्र पर सभी राजनीतिक दलों के लिए समान नियम लागू होने चाहिए। इस दौरान BJP जिलाध्यक्ष और पुलिसकर्मी के बीच हुई तीखी नोकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हालांकि, वायरल वीडियो के आधार पर पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना भी महत्वपूर्ण है।
सपा एजेंट ने लगाया जातिसूचक टिप्पणी का आरोप
इस मामले में समाजवादी पार्टी के एजेंट जितेंद्र सरोज ने धर्मराज मौर्य पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। इससे विवाद ने एक नया मोड़ ले लिया है। दूसरी ओर, BJP जिलाध्यक्ष ने इन आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि पूरे वीडियो को देखा जाना चाहिए। उनका दावा है कि जितेंद्र सरोज से उनकी बातचीत हुई ही नहीं थी और उनका विवाद केवल पुलिसकर्मियों से था। फिलहाल, दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग आरोप लगाए गए हैं। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए पूरे घटनाक्रम की जांच और संबंधित पक्षों का आधिकारिक बयान अहम होगा।
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