लखनऊ के बहुचर्चित शिवा शर्मा हत्याकांड में आरोपी बनाई गई मॉडल श्रद्धा दुबे और उसकी बहन रश्मि दुबे की जिंदगी में रातों-रात ऐसा भूचाल आया है जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की होगी। गोसाईंगंज जिला जेल के क्वारंटाइन पीरियड को पूरा करने के बाद जब दोनों बहनों को सामान्य महिला बैरक में शिफ्ट किया गया, तो वहां का माहौल देखकर उनके होश उड़ गए। लग्जरी लाइफस्टाइल और ऐशो-आराम की आदि रहीं इन दोनों बहनों को अब करीब 45 अन्य महिला कैदियों के साथ रहना पड़ रहा है। जेल की सख्त और अनुशासन से भरी जिंदगी उनके लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। पहली रात उनकी गहरी बेचैनी और तनाव में कटी। जेल प्रशासन के मुताबिक, रात के खाने में परोसी गई सादी दाल और रोटी वे ठीक से खा भी नहीं पाईं। पूरी रात दोनों बहनें करवटें बदलती रहीं और सुबह तड़के कुछ ही पलों के लिए उनकी आंख लग सकी, जिससे उनकी मानसिक थकान और तनाव साफ झलक रहा था।
सुबह की अलार्म से नींद और आम कैदियों जैसा रूखा-सूखा भोजन
जेल के कड़े नियमों के आगे किसी की नहीं चलती, और यही हकीकत अब श्रद्धा और रश्मि के सामने है। सुबह ठीक 6 बजे जेल के सायरन और नियमों के तहत उन्हें जगा दिया गया, जिसके बाद उन्हें आम बंदियों की तरह ही हर तय दिनचर्या का पालन करना पड़ रहा है। सुबह के नाश्ते में उन्हें मीठी दलिया और चाय दी गई, जबकि दोपहर और रात के खाने में वही सामान्य भोजन परोसा गया जो अन्य कैदियों के लिए बनता है- जिसमें साबुत उड़द और राजमा दाल, आलू-लौकी की सब्जी और रोटियां शामिल हैं। पूरे दिन न तो कोई रिश्तेदार या करीबी उनसे मिलने पहुंचा और न ही किसी अपने का चेहरा देखकर उनके चेहरे पर राहत आई। बैरक में दोनों बहनें गुमसुम बैठी रहीं और उन्होंने अन्य महिला कैदियों से दूरी बनाए रखी। हालांकि, वे आपस में जरूर बात करती नजर आईं, लेकिन किसी अपने के न मिलने आने से उनकी उदासी और ज्यादा गहरी हो गई।
कड़ी सुरक्षा के पहरे में दोनों बहनें और ड्राइवर तनवीर की विशेष निगरानी
जेल प्रशासन आरोपियों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। जिला कारागार के अधिकारियों के मुताबिक, श्रद्धा और रश्मि की हर गतिविधि पर महिला डिप्टी जेलर सीधे तौर पर नजर रख रही हैं ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाया जा सके। वहीं, इस मामले के तीसरे आरोपी और उनके ड्राइवर दानिश उर्फ तनवीर को पुरुष बैरक में रखा गया है, जिसकी निगरानी एक पुरुष डिप्टी जेलर कर रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के लिए यह भी तय किया गया है कि न्यायिक हिरासत की तारीखों पर इन्हें कोर्ट ले जाने के बजाय वर्चुअल माध्यम से ही उनकी पेशी कराई जाएगी। जेल के भीतर नियमों का कड़ाई से पालन कराने के साथ-साथ प्रशासन यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि इस हाई-प्रोफाइल मामले में सुरक्षा से जुड़ी कोई चूक न हो।
जांच का बढ़ता दायरा: आमिर का कनेक्शन और अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज का राज
इस पूरे हत्याकांड में जैसे-जैसे पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस अब उन तमाम संदिग्धों की भूमिका को खंगालने में जुटी है जिन्होंने कथित तौर पर आरोपियों की फरारी या सबूत छुपाने में मदद की थी। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि शिवा के संदिग्ध परिस्थितियों में बिल्डिंग से नीचे गिरने के तुरंत बाद रश्मि दुबे ने आमिर नाम के एक शख्स को फोन कर मौके पर बुलाया था। पुलिस के हाथ लगे अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में आमिर शेख और ड्राइवर तनवीर एक साथ काली टी-शर्ट में नजर आए हैं, जिसके बाद पुलिस का शक और गहरा गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, आमिर ने ही श्रद्धा की फरारी के दौरान उसे मोबाइल और फर्जी सिम उपलब्ध कराया था ताकि पुलिस उसकी लोकेशन ट्रेस न कर सके। फिलहाल, पुलिस इन सभी एंगल से गहनता से तफ्तीश कर रही है और आने वाले दिनों में जांच के बाद कई और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
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