बिहार के सीवान जिले से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। शुक्रवार (23 अक्टूबर) को सीवान के जामो थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आलमापुर गांव में एक रिहायशी मकान के अंदर रखे भारी मात्रा में पटाखों में अचानक भीषण आग लग गई। आग लगने के बाद ऐसा सिलसिला शुरू हुआ जिसने देखते ही देखते पूरे गांव को दहशत के साए में ला खड़ा कर दिया। मकान के भीतर से लगातार पटाखों के फटने की आवाजें आने लगीं और यह खौफनाक सिलसिला करीब दो घंटे तक बिना रुके जारी रहा। इस भयावह विस्फोट की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि मकान का अगला हिस्सा मलबे में तब्दील होकर सीधे सड़क पर आ गिरा। आसपास के लोगों ने जब यह भयानक मंजर देखा, तो उनके रोंगटे खड़े हो गए।
पटाखों के कारोबारी के घर में हुआ था विस्फोट, मची भगदड़
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जिस मकान में यह महा-विस्फोट हुआ है, वह आलमापुर निवासी मो. अमीरुद्दीन मियां का बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार मो. अमीरुद्दीन मियां को पटाखों का बड़ा कारोबारी माना जाता है। हादसे के वक्त इस मकान के अंदर कई लोग मौजूद थे। अचानक हुई इस दुर्घटना ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। एक पटाखे में लगी मामूली चिंगारी ने घर के अंदर रखे बाकी तमाम खतरनाक पटाखों को अपनी चपेट में ले लिया, जिसके बाद एक के बाद एक कई जोरदार धमाके होने लगे। लगातार हो रहे इन धमाकों की वजह से पूरे इलाके में भगदड़ मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, जिससे कुछ ही पलों में घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
क्षत-विक्षत हो गए शव, एसपी ने की मौतों की पुष्टि
इस भीषण हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विस्फोट के बाद कई लोगों के शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो चुके हैं, जिससे उनकी पहचान करना तक बेहद मुश्किल साबित हो रहा है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सीवान के पुलिस अधीक्षक (SP) भारत सोनी ने फोन पर बातचीत के दौरान इस दुर्घटना की गंभीरता को स्वीकार करते हुए शुरुआती तौर पर पांच लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि की है, जबकि अनौपचारिक रूप से आठ लोगों के हताहत होने की आशंका जताई जा रही है। मौके पर तुरंत मेडिकल टीमों और भारी पुलिस बल को रवाना किया गया, जो युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य (Rescue Operation) में जुटे हुए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मलबे को हटाने का काम जारी है और मरने वालों का यह आंकड़ा बढ़ भी सकता है।
दहशत के साए में ग्रामीण, प्रशासन ने संभाला मोर्चा
इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे आलमापुर गांव और आसपास के इलाकों में सिहरन पैदा करने वाला सन्नाटा और खौफ का माहौल बना हुआ है। लोग अभी भी इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि इतनी बड़ी तबाही उनके पड़ोस में कैसे घटित हो गई। पुलिस अधीक्षक ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है और युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है ताकि मलबे में फंसे अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। इस तरह घनी आबादी वाले रिहायशी इलाकों में अवैध रूप से भारी मात्रा में पटाखे स्टोर करने और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर भी एक बड़ा सवालिया निशान लग गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से छानबीन कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस लापरवाही के पीछे असल जिम्मेदार कौन था।
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