वनडे क्रिकेट में कई बार ऐसा मुकाबला देखने को मिलता है, जिसमें बल्लेबाज की ऐतिहासिक पारी भी टीम को जीत नहीं दिला पाती। इंग्लैंड और श्रीलंका के बीच खेले गए ट्राई सीरीज के मुकाबले में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक (Harry Brook) ने बल्ले से ऐसा तूफान मचाया कि रिकॉर्ड बुक में उनका नाम दर्ज हो गया, लेकिन मैच का नतीजा उनकी टीम के पक्ष में नहीं आया। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 429 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। हैरी ब्रूक (Harry Brook) ने महज 116 गेंदों पर 202 रन की शानदार पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी में चौकों और छक्कों की बरसात देखने को मिली। इसके बावजूद इंग्लैंड के खिलाड़ी जीत का जश्न नहीं मना सके, क्योंकि श्रीलंका ने लक्ष्य का पीछा करते हुए आखिरी ओवर तक मुकाबले को रोमांचक बनाए रखा और एक गेंद बाकी रहते ऐतिहासिक जीत हासिल कर ली।
114 गेंदों में ठोका दोहरा शतक
हैरी ब्रूक (Harry Brook) की पारी सिर्फ रनों के लिहाज से बड़ी नहीं थी, बल्कि रिकॉर्ड के मामले में भी बेहद खास रही। उन्होंने 114 गेंदों में अपना दोहरा शतक पूरा करके पुरुष वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज 200 रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। इस उपलब्धि के साथ वह वनडे में दोहरा शतक लगाने वाले इंग्लैंड के पहले बल्लेबाज भी बन गए। हैरी ब्रूक (Harry Brook) ने अपनी पारी में 21 चौके और 10 छक्के लगाए। उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। उनका शतक 75 गेंदों में पूरा हुआ, जबकि 150 रन के आंकड़े तक पहुंचने के बाद उन्होंने रन बनाने की रफ्तार और तेज कर दी। शतक से दोहरे शतक तक पहुंचने में उन्होंने केवल 39 गेंदें खर्च कीं। इस प्रदर्शन के साथ हैरी ब्रूक (Harry Brook) ने शुभमन गिल के 116 गेंदों में दोहरा शतक पूरा करने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इंग्लैंड की ओर से जो रूट ने 69, विल जैक्स ने नाबाद 66 और टॉम बैंटन ने 50 रन बनाकर टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
First England player to score a double century in ODIs 👏
Harry Brook with a scintillating effort against Sri Lanka 🔥
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— ICC (@ICC) October 22, 2026
24 रन पर दो विकेट गंवाकर भी श्रीलंका ने पलट दी बाजी
430 रन के लक्ष्य का पीछा करना किसी भी टीम के लिए बड़ी चुनौती माना जाता है, लेकिन श्रीलंका के बल्लेबाजों ने इस मुश्किल को यादगार जीत में बदल दिया। टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने केवल 24 रन पर अपने दो विकेट गंवा दिए। इस समय इंग्लैंड की टीम मजबूत स्थिति में नजर आ रही थी, लेकिन श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने हार मानने के बजाय जवाबी हमला शुरू कर दिया। पवन रत्नायके ने 130 रन की शानदार पारी खेलकर जीत की नींव रखी। अविष्का फर्नांडो और दासुन शनाका ने भी 97-97 रन बनाकर इंग्लैंड के गेंदबाजों की मुश्किलें बढ़ा दीं। मुकाबले का सबसे रोमांचक मोड़ तब आया, जब जनिथ लियानागे ने केवल 27 गेंदों में नाबाद 61 रन ठोक दिए। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। श्रीलंका ने 49.5 ओवर में आठ विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। यह वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में श्रीलंका का अब तक का सबसे बड़ा सफल रन चेज बना।
𝑨 𝒎𝒐𝒏𝒖𝒎𝒆𝒏𝒕𝒂𝒍 𝒘𝒊𝒏 🇱🇰
Sri Lanka complete the second-highest chase in Men’s ODI history against England 😲
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— ICC (@ICC) October 22, 2026
हार के बाद छलका हैरी ब्रूक का दर्द
इतिहास रचने वाली पारी खेलने के बाद भी हैरी ब्रूक (Harry Brook) मैच हारने से निराश नजर आए। मुकाबले के बाद उन्होंने श्रीलंका की तारीफ करते हुए माना कि विपक्षी टीम ने अहम मौकों पर इंग्लैंड से बेहतर प्रदर्शन किया। ब्रूक के मुताबिक, 400 से ज्यादा रन बनाने के बाद भी जीत नहीं मिलना निराशाजनक है, लेकिन श्रीलंका ने अपने प्रदर्शन से जीत का पूरा हक हासिल किया। अपनी दोहरी शतकीय पारी के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत उपलब्धि अच्छी जरूर लगती है, लेकिन जब टीम हार जाती है तो उस प्रदर्शन की खुशी फीकी पड़ जाती है। उन्होंने गेंदबाजी को हार की बड़ी वजह बताया और स्वीकार किया कि इंग्लैंड के गेंदबाज अपनी योजनाओं को सही तरीके से लागू नहीं कर सके। कप्तान ने यह भी कहा कि टीम को अपनी गलतियों से सीखकर आगे बढ़ना होगा। उनके अनुसार, इंग्लैंड के पास अगले दो मुकाबलों में फाइनल में जगह बनाने का मौका है।
