भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर हालात को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर के एक बयान ने इस मुद्दे को सुर्खियों में ला दिया है। उन्होंने बताया कि अरुणाचल प्रदेश में भारत और चीन के सैनिकों के बीच कई बार आमना-सामना यानी फेसऑफ की स्थिति बनी है और ऐसी परिस्थितियां अब भी जारी हैं। उनके इस बयान से सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और सैनिकों की तैनाती को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, बयान में किसी खास घटना की तारीख, स्थान या हालिया झड़प के विस्तृत ब्योरे का उल्लेख नहीं किया गया है। इसलिए इसे किसी नई सैन्य झड़प की आधिकारिक पुष्टि मानने से पहले संबंधित घटनाक्रम की स्पष्ट जानकारी जरूरी है। ITBP प्रमुख ने इस दौरान सीमा पर तैनात भारतीय जवानों की भूमिका की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि शौर्य कमांडो टीमों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अच्छा काम किया है। उनका बयान ऐसे समय सामने आया है, जब भारत-चीन संबंधों और सीमा पर शांति बनाए रखने का मुद्दा लगातार महत्वपूर्ण बना हुआ है।
ITBP की भूमिका में बदलाव
ITBP के DG शत्रुजीत कपूर ने अपने संबोधन में बल की भूमिका और उसकी बदलती जरूरतों पर भी बात की। उन्होंने बताया कि शुरुआत में ITBP को पर्वतीय गुरिल्ला बल के तौर पर विकसित किया गया था, लेकिन समय के साथ इसकी जिम्मेदारियों और काम करने के तरीके में बदलाव आया। अब बल की प्रमुख चुनौती कठिन पहाड़ी क्षेत्रों और बेहद ऊंचाई वाले इलाकों में प्रभावी ढंग से काम करना है। अरुणाचल प्रदेश जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में भौगोलिक परिस्थितियां सुरक्षा बलों के सामने अलग तरह की चुनौतियां पेश करती हैं। यहां दुर्गम पहाड़, खराब मौसम और सीमित पहुंच वाले इलाके निगरानी तथा गश्त को कठिन बना सकते हैं। ऐसे में जवानों का प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और तेजी से प्रतिक्रिया देने की क्षमता महत्वपूर्ण हो जाती है। कपूर ने शौर्य कमांडो टीमों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए संकेत दिया कि सीमा पर तैनात बलों को बदलती परिस्थितियों के अनुरूप तैयार रहना होगा। भारत और चीन के बीच सीमा से जुड़े कई मुद्दे लंबे समय से संवेदनशील रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा बलों की तैयारियों और सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता का महत्व और बढ़ जाता है।
जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री की चुप्पी पर उठाए सवाल
ITBP प्रमुख के बयान के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार की चीन नीति पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि चीन के मामले में सरकार का रवैया संतोषजनक नहीं है। उन्होंने ITBP DG की ओर से जवानों के प्रदर्शन की प्रशंसा को उचित बताया, लेकिन साथ ही प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल खड़े किए। कांग्रेस का कहना है कि सीमा पर टकराव से जुड़ी जानकारी सामने आने पर सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। हालांकि, विपक्ष के आरोप राजनीतिक प्रतिक्रिया हैं और उनसे अपने आप सीमा पर किसी घटना की पूरी तस्वीर सामने नहीं आती। भारत और चीन के बीच वर्ष 2017 में डोकलाम क्षेत्र में भी लंबा गतिरोध देखने को मिला था। उस दौरान दोनों देशों के सैनिक आमने-सामने आ गए थे और कई सप्ताह तक तनाव बना रहा था। इसके बाद भी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर दोनों देशों के संबंधों में उतार-चढ़ाव जारी रहा। मौजूदा मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि अरुणाचल प्रदेश में जिन फेसऑफ का जिक्र किया गया है, वे किन परिस्थितियों में हुए और उनकी ताजा स्थिति क्या है। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में इन घटनाओं का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। ऐसे में आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने के बाद ही सीमा पर मौजूदा हालात को लेकर अधिक स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।
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