MLC Election 2026: देश के चार राज्यों में आज विधान परिषद की 28 सीटों के लिए मतदान हो रहा है। उत्तर प्रदेश की 11, बिहार की 8, कर्नाटक की 4 और महाराष्ट्र की 5 सीटों पर सुबह 8 बजे से वोटिंग शुरू हुई। मतदान शाम 4 बजे तक बैलेट पेपर के जरिए कराया जाएगा। इन चुनावों में आम मतदाताओं के बजाय स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के पंजीकृत मतदाता अपने प्रतिनिधि चुनेंगे। यूपी और बिहार में हो रहे चुनावों पर राजनीतिक दलों की खास नजर है। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इसे राजनीतिक ताकत परखने का मौका माना जा रहा है, जबकि बिहार में नई सरकार के लिए भी यह चुनाव अहम माना जा रहा है।
बाराबंकी में वोटिंग से पहले भाजपा-सपा आमने-सामने
उत्तर प्रदेश में मतदान शुरू होने से पहले बाराबंकी में भाजपा और समाजवादी पार्टी के नेताओं के बीच विवाद हो गया। जानकारी के मुताबिक, लखपेड़ाबाग चौराहे पर बुधवार देर रात चुनावी बूथ लगाने को लेकर दोनों पक्षों में बहस शुरू हुई। भाजपा नेताओं का आरोप था कि सपा कार्यकर्ताओं ने बिना अनुमति उनकी जगह पर बूथ लगा दिया। वहीं, सपा नेताओं ने दावा किया कि दबाव बनाकर उनके चुनावी एजेंटों का बूथ हटवाया गया। देखते ही देखते मामला बढ़ने लगा और दोनों दलों के वरिष्ठ नेता मौके पर पहुंच गए। भाजपा की तरफ से जंग बहादुर पटेल, राकेश पटेल और रोहित सिंह समेत कई नेता मौजूद रहे। सपा की ओर से जिलाध्यक्ष हाफिज अयाज, प्रीतम सिंह और आशीष सिंह आर्य सहित अन्य नेता पहुंचे। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर हालात संभाले। लखनऊ खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा ने मौजूदा MLC इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया है, जबकि सपा की ओर से पूर्व MLC कांति सिंह पटेल चुनाव मैदान में हैं।
यूपी की 11 और बिहार की 8 सीटों पर किसकी होगी जीत?
उत्तर प्रदेश में पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मतदान हो रहा है। वहीं, बिहार में चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों पर उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला मतदाता करेंगे। बिहार में आठ सीटों के लिए कुल 150 उम्मीदवार मैदान में हैं और करीब 5.32 लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि विधान परिषद के इन चुनावों में केवल संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों के पंजीकृत स्नातक और शिक्षक मतदाता ही वोट डालते हैं। इसलिए इनके नतीजों को पूरे राज्य की जनता की राय नहीं माना जा सकता। चारों राज्यों में मतदान पूरा होने के बाद मतों की गिनती 27 अक्टूबर को निर्धारित है। अब राजनीतिक दलों की नजर मतदान के रुझान और अंतिम नतीजों पर टिकी है। खासकर उत्तर प्रदेश में भाजपा और सपा के बीच मुकाबले को लेकर सियासी हलचल तेज है, जबकि बिहार में भी इन चुनावों के परिणाम राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण होंगे।
