कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सौरव दास और आशुतोष रांका को सात दिन बाद तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया। बुधवार, 21 अक्टूबर को दोनों को सशर्त जमानत मिली। उनकी रिहाई की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा शुरू हो गई। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दोनों की रिहाई पर खुशी जताई। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए सौरव दास और आशुतोष रांका को बधाई दी। साथ ही उन्होंने दोनों को देश के लिए अपना संघर्ष जारी रखने की सलाह भी दी। केजरीवाल ने अपने संदेश में कहा कि वे इसी तरह देश के लिए संघर्ष करते रहें और पूरा देश उनके साथ है। उनके इस बयान के बाद दोनों की रिहाई का मामला फिर चर्चा में आ गया।
जमानत के लिए रखी गईं ये शर्तें
मिली जानकारी के अनुसार, सौरव दास और आशुतोष रांका को कुछ शर्तों के साथ रिहा किया गया है। दोनों को संबंधित अधिकारी SEM ऋतु राज के सामने लिखित माफीनामा देने के साथ शपथ पत्र भी जमा करना पड़ा। उन्होंने जंतर-मंतर पर कानून के मुताबिक शांति बनाए रखने और विरोध प्रदर्शन नहीं करने का लिखित आश्वासन दिया। इसके अलावा, दोनों की ओर से 50 हजार रुपये का व्यक्तिगत बॉन्ड और जमानत बॉन्ड जमा कराया गया। जमानत देते समय यह भी निर्देश दिया गया कि वे सुनवाई की प्रत्येक तारीख पर उपस्थित रहें और तय शर्तों का पालन करें। मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के अनुसार जारी रहेगी। अधिकारियों ने जांच अधिकारी को अगली सुनवाई पर जमानतदारों के सत्यापन से जुड़ी रिपोर्ट पेश करने का निर्देश भी दिया है।
अब आगे क्या करेंगे सौरव और आशुतोष, अगली सुनवाई पर टिकी नजरें
जेल से बाहर आने के बाद सौरव दास और आशुतोष रांका ने राहत जाहिर की और अपनी टीम के सदस्यों के साथ नजर आए। हालांकि, मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने भविष्य की रणनीति को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि रिहाई के बाद उनकी राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियां किस दिशा में आगे बढ़ती हैं। फिलहाल दोनों को जमानत की शर्तों का पालन करना होगा और कानूनी प्रक्रिया में सहयोग देना होगा। मामले में अगली सुनवाई 23 अक्टूबर को निर्धारित है। इस दौरान जमानतदारों के सत्यापन की रिपोर्ट सहित संबंधित पहलुओं पर आगे की कार्रवाई हो सकती है। अब इस मामले में होने वाली अगली सुनवाई पर सभी की नजरें रहेंगी।
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