Rahul Gandhi on RSS: कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने राजनीतिक बहस तेज कर दी है। उन्होंने संघ की विचारधारा पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि यह संगठन संविधान की भावना के खिलाफ है और महिलाओं को पुरुषों के अधीन मानता है। राहुल ने यह भी कहा कि संघ के खिलाफ लड़ाई में उन्हें खुशी मिलती है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब संघ प्रमुख मोहन भागवत ने विजयादशमी के मौके पर अपना संबोधन दिया।
राहुल गांधी ने RSS की विचारधारा पर उठाए सवाल
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि वह ऐसे संगठन की विचारधारा का विरोध करते हैं, जो उनके अनुसार भारतीय संविधान के मूल सिद्धांतों से मेल नहीं खाती। उन्होंने महिलाओं की स्थिति को लेकर भी संघ पर आरोप लगाए। राहुल ने कहा कि वह शिव-शक्ति में विश्वास रखते हैं और इसी वजह से संघ के खिलाफ संघर्ष करना उन्हें अच्छा लगता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि संघ से जुड़ी कई महिलाएं भी उनके साथ खड़ी हैं। राहुल के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज होने की संभावना है। हालांकि, महिलाओं और संविधान को लेकर लगाए गए ये आरोप राहुल गांधी के विचार हैं, जिन्हें लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद रहे हैं।
The RSS is an al male anti-constitutional cult that believes women are the property of men.
I believe in Shiva-Shakti.
That’s why it gives me such joy to fight them.
What’s beautiful is that many of their “own” women are on my side.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 20, 2026
विजयादशमी पर मोहन भागवत ने किन मुद्दों पर जताई चिंता?
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) का बयान ऐसे समय सामने आया, जब आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने विजयादशमी उत्सव में देश और समाज से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि केवल सत्ता बदलने से समाज की बुनियादी समस्याएं दूर नहीं होतीं। उन्होंने चेतावनी दी कि कुछ आंदोलन राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल हो सकते हैं और इससे समाज में मतभेद बढ़ने का खतरा रहता है। भागवत ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ ताकतें भारत, हिंदू समाज और संघ को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं। उनके मुताबिक, देश की मजबूत नीतियां और नेतृत्व ऐसी कोशिशों को रोकने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
राहुल गांधी के बयान से क्यों बढ़ सकती है राजनीतिक बहस?
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) लगातार केंद्र सरकार और उससे जुड़े मुद्दों पर सवाल उठा रहे हैं। वोट चोरी के आरोपों से लेकर चुनावी प्रक्रिया से संबंधित मामलों तक, कांग्रेस कई मुद्दों पर सरकार को घेर रही है। राहुल ने इन विषयों को लेकर विपक्षी दलों के साथ भी अपनी आवाज उठाई है। ऐसे में आरएसएस पर उनका ताजा हमला राजनीतिक चर्चा को और तेज कर सकता है। एक तरफ कांग्रेस संघ की विचारधारा पर सवाल उठाती रही है, वहीं आरएसएस अपने विचारों और सामाजिक कार्यों को देशहित से जोड़कर देखता है। अब इस बयान पर बीजेपी और संघ की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर राजनीतिक नजरें टिकी रहेंगी।
