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जंतर-मंतर पहुंचने से पहले हिरासत में केजरीवाल, संजय सिंह समेत AAP के कई नेताओं पर भी एक्शन; दिल्ली में क्यों बढ़ा तनाव?

CJP Protest के बीच अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज समेत AAP के कई नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। जानिए जंतर-मंतर प्रदर्शन, पुलिस की कार्रवाई और पूरे घटनाक्रम की जानकारी।

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CJP Protest News: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के बीच शनिवार को राजनीतिक हलचल तेज हो गई। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को जंतर-मंतर पहुंचने से पहले ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उनके साथ AAP सांसद संजय सिंह, नेता सौरभ भारद्वाज और पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। केजरीवाल ने पहले ही इस प्रदर्शन में शामिल होने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि वह अपने परिवार के साथ लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाने के लिए जंतर-मंतर जाएंगे। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई के चलते वह प्रदर्शन स्थल तक नहीं पहुंच सके। इस घटनाक्रम ने राजधानी में राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।

 घर के बाहर पहले से तैनात थी पुलिस

मिली जानकारी के अनुसार, सुबह से ही अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के आवास के बाहर पुलिसकर्मी तैनात थे। जैसे ही वह अपने घर से बाहर निकले, पुलिस ने उन्हें और वहां मौजूद नेताओं तथा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर बस में बैठा लिया। बताया जा रहा है कि उनके आवास के बाहर बड़ी संख्या में समर्थक जुटे थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर की ओर बढ़ने से रोकने के लिए कार्रवाई की। इसके अलावा, दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में भी विपक्षी नेताओं और आंदोलन में शामिल होने जा रहे लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आईं। पुलिस की इस कार्रवाई के पीछे सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े कारण बताए गए हैं। हालांकि, हिरासत में लिए गए सभी लोगों की आधिकारिक संख्या और उनकी मौजूदा स्थिति की पुष्टि जरूरी है।

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केजरीवाल ने समर्थकों से क्या कहा? 

हिरासत में लिए जाने से पहले केजरीवाल ने प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों से अपील की कि यदि उन्हें रास्ते में रोका जाए तो वे वहीं शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाएं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र से जुड़े सवालों पर लोगों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए। उनके इस संदेश के बाद प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई। खबरों के मुताबिक, हिरासत में लिए गए नेताओं को पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने ले जाने की बात कही गई। वहीं, पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा रखी थी। प्रदर्शनकारियों की आवाजाही नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग स्थानों पर जवान तैनात किए गए थे। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के पक्ष को अलग-अलग समझना जरूरी है।

क्यों आमने-सामने आए राजनीतिक दल?

CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया था। संगठन चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहा है। इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए कई राजनीतिक नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने समर्थन जताया था। वहीं, दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था संबंधी कारणों का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया था। इसके बाद हिरासत की कार्रवाई ने राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया। अब इस मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि हिरासत में लिए गए नेताओं को कब छोड़ा जाएगा और प्रदर्शन को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल, दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर सबकी नजर बनी हुई है।

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