उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने सोमवार को अपने आठ उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए। इनमें राधाकांत ओझा का नाम भी शामिल है। पार्टी ने उनके साथ धर्मपाल सिंह, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार को भी प्रत्याशी बनाया है। यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव होना है।
वकालत से राजनीति के ऊपरी सदन तक पहुंचने जा रहे ओझा
राधाकांत ओझा लंबे समय से इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकालत करते रहे हैं और वरिष्ठ अधिवक्ता के तौर पर उनकी पहचान है। वह इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। हाईकोर्ट की आधिकारिक सूची में भी उनका नाम अध्यक्ष के रूप में दर्ज है। रिपोर्टों के मुताबिक वह बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दो बार संभाल चुके हैं। अब बीजेपी ने उन्हें राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाकर उनकी भूमिका को कानूनी क्षेत्र से संसद की राजनीति तक विस्तार देने का मौका दिया है।
पूर्व मंत्री शिवकांत ओझा से भी है पारिवारिक रिश्ता
राधाकांत ओझा का संबंध प्रतापगढ़ जिले से बताया जाता है। वह पूर्व मंत्री शिवकांत ओझा के छोटे भाई हैं। शिवकांत ओझा उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुके हैं। राधाकांत के परिवार की पहचान शिक्षा और कानून के क्षेत्र से भी जुड़ी रही है। राधाकांत ने लंबे समय तक कानूनी मामलों में सक्रिय भूमिका निभाई और प्रयागराज के न्यायिक एवं अधिवक्ता जगत में अपनी जगह बनाई। उनका नाम पहले भी चुनावी राजनीति को लेकर चर्चा में आ चुका है। अब राज्यसभा का टिकट मिलने के बाद उनके राजनीतिक सफर को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
BJP की लिस्ट में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन की झलक
बीजेपी की ओर से घोषित आठ नामों में अलग-अलग क्षेत्रों और सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। राधाकांत ओझा और गोपी कृष्ण पांडेय को ब्राह्मण चेहरे के तौर पर देखा जा रहा है, जबकि सूची में अन्य सामाजिक वर्गों से भी उम्मीदवार शामिल हैं। पार्टी ने दो महिला उम्मीदवारों प्रियंका सिंह रावत और श्रुति गंगवार को भी जगह दी है। ऐसे में राधाकांत ओझा की उम्मीदवारी को प्रयागराज और पूर्वांचल क्षेत्र में पार्टी की राजनीतिक पहुंच से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि उम्मीदवारों के चयन के पीछे पार्टी की ओर से अलग-अलग नामों के चयन के विस्तृत कारण सार्वजनिक रूप से नहीं बताए गए हैं।
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