Budaun News: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के लभारी गांव में जमीन के विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में युवती जलती झोपड़ी के सामने खड़ी होकर पुलिस-प्रशासन और लेखपाल पर गंभीर आरोप लगाती दिखाई दे रही है। युवती का कहना है कि उसकी झोपड़ी में आग लगाई गई। गुस्से में वह ‘फूलन देवी बनकर बदला लूंगी’ कहते हुए भी सुनाई देती है। दूसरी ओर, लेखपाल की शिकायत पर नौ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। अब इस मामले में जमीन के विवाद के साथ आग लगने की घटना और वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की भी जांच होनी है।
जलती झोपड़ी के सामने युवती का वीडियो वायरल
बदायूं के कादरचौक थाना क्षेत्र के लभारी गांव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। इसमें एक युवती जलती हुई झोपड़ी के सामने खड़ी होकर अपना गुस्सा जाहिर करती दिखाई देती है। युवती पुलिस-प्रशासन और लेखपाल पर आरोप लगाती है कि उसके घर में जबरन घुसकर झोपड़ी में आग लगाई गई। इसी दौरान वह फूलन देवी बनकर बदला लेने की बात भी कहती है। वीडियो सामने आने के बाद घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी भी पक्ष के दावे को सच मानना उचित नहीं होगा।
जमीन के कब्जे से शुरू हुआ विवाद
इस मामले में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, गांव की रहने वाली नन्ही देवी ने अपनी जमीन की पैमाइश कराने और उस पर कब्जा दिलाने की मांग को लेकर एसडीएम को प्रार्थना पत्र दिया था। शिकायत के बाद 29 सितंबर को राजस्व विभाग की टीम पुलिस बल के साथ गांव पहुंची। वहां जमीन की पैमाइश की गई और संबंधित पक्ष को कब्जा दिलाने की कार्रवाई की गई। बताया गया है कि इस कार्रवाई के बाद जमीन पर डाली गई नींव को दूसरे पक्ष के लोगों ने उखाड़ दिया। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ने की जानकारी सामने आई है। जमीन पर किसका अधिकार है और मौके पर की गई कार्रवाई के दौरान क्या परिस्थितियां थीं, यह जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
दोबारा मौके पर पहुंची टीम
लेखपाल धीरेंद्र सिंह की शिकायत के अनुसार, एक अक्टूबर को शिकायत मिलने के बाद वह पुलिस बल के साथ दोबारा गांव पहुंचे थे। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और झोपड़ी में आग लगने की घटना सामने आई। लेखपाल की तहरीर पर नौ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें सरकारी काम में बाधा डालने और झोपड़ी में आग लगाए जाने से जुड़े आरोप शामिल हैं। दूसरी ओर, वायरल वीडियो में युवती पुलिस और लेखपाल पर ही गंभीर आरोप लगाती दिखाई देती है। इस तरह घटना को लेकर दोनों तरफ से अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। इन आरोपों की सच्चाई का पता पुलिस की जांच और उपलब्ध सबूतों से ही चल सकेगा।
आखिर झोपड़ी में आग किसने लगाई?
लभारी गांव की इस घटना में सबसे बड़ा सवाल यही है कि झोपड़ी में आग कैसे लगी और उस समय मौके पर कौन-कौन मौजूद था। वायरल वीडियो में युवती के लगाए आरोपों और एफआईआर में दर्ज शिकायत के बीच अंतर दिखाई देता है। ऐसे में पुलिस के लिए घटना से जुड़े सभी तथ्यों की जांच करना जरूरी है। मौके के साक्ष्य, संबंधित लोगों के बयान और अन्य उपलब्ध जानकारी से घटनाक्रम स्पष्ट हो सकता है। फिलहाल नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की जानकारी सामने आई है, लेकिन एफआईआर में दर्ज आरोप अपने आप में अपराध साबित होने का प्रमाण नहीं हैं। अब सभी की नजर पुलिस की जांच पर है, जिससे जमीन के विवाद और आग लगने की घटना की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
