दिल्ली पुलिस ने कथित तौर पर लंबे समय से ड्रग्स के कारोबार से जुड़ी पार्वती को उसके एक सहयोगी के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, पार्वती इलाके में बैड कैरेक्टर के तौर पर दर्ज रही है और उसके खिलाफ पहले भी नारकोटिक्स से जुड़े कई मामले सामने आ चुके हैं। पुलिस की कार्रवाई के दौरान उसके घर से चरस और नशीले पदार्थ का डायल्यूटेड फॉर्म मिलने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा एक लग्जरी SUV को भी जब्त किया गया है। पार्वती को लेकर पुलिस का दावा है कि वह लंबे समय से ड्रग्स के नेटवर्क में सक्रिय थी।
1990 से चल रहा था नशीले पदार्थों का कारोबार
पुलिस के अनुसार, पार्वती करीब 1990 से नशीले पदार्थों के धंधे से जुड़ी हुई थी। समय के साथ उसका कथित नेटवर्क दिल्ली के अलग-अलग इलाकों तक फैलता गया। शुरुआत में कोतवाली इलाके से लेकर नॉर्थ दिल्ली, नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली और बाद में आउटर नॉर्थ जिले तक उसकी गतिविधियों की जानकारी पुलिस को मिली। जांच एजेंसियों के मुताबिक, ड्रग्स की सप्लाई केवल एक जगह तक सीमित नहीं थी, बल्कि अलग-अलग लोगों और ठिकानों के जरिए इसे आगे पहुंचाया जाता था। पुलिस अब उसके पुराने मामलों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी भी खंगाल रही है।
बाहर से आती थी खेप, फिर कई रास्तों से पहुंचती थी स्ट्रीट पैडलिंग तक
जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक, नशीले पदार्थ बाहर से मंगाए जाने के बाद किसी दूसरी जगह पर रखे जाते थे। इसके बाद अलग-अलग चैनल के जरिए इनकी सप्लाई आगे की जाती थी और आखिर में यह माल स्ट्रीट पैडलिंग तक पहुंचता था। पुलिस को आशंका है कि इस पूरे नेटवर्क में कई अन्य लोग भी जुड़े हो सकते हैं। पार्वती की कुछ तस्वीरों में उसके कथित तौर पर ड्रग्स के कारोबार से जुड़ी गतिविधियों का अंदाजा लगाया जा रहा है। हालांकि, इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे और उनकी भूमिका क्या थी, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
अब संपत्ति और पैसों के लेनदेन की भी होगी जांच
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अब पार्वती की आर्थिक गतिविधियों पर भी जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कथित ड्रग्स कारोबार से कितनी रकम जुटाई गई और उसका इस्तेमाल किन संपत्तियों या दूसरी चीजों में किया गया। उसकी प्रॉपर्टी और बैंकिंग समेत अन्य वित्तीय लेनदेन की जांच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, पार्वती के तीन बेटे हैं और परिवार से जुड़े आर्थिक पहलुओं को भी जांच के दायरे में रखा गया है। अब जांच का फोकस कथित ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क, पैसों के स्रोत और उससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान पर है।
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