UP News: आजमगढ़ के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गहजी गांव में मंगलवार शाम एक ऐसी घटना हुई, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। घर में धार्मिक कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान अरविंद सिंह वहां पहुंचा और पूजा को लेकर मौजूद पंडितों से उसकी बहस हो गई। बात बढ़ने के बाद स्थिति अचानक हिंसक हो गई। पुलिस के मुताबिक, फायरिंग में अरविंद की पत्नी बबीता सिंह और पूजा कराने आए दो पंडितों की मौत हो गई। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग घर की तरफ दौड़े, लेकिन तब तक अरविंद ने खुद को अपने तीन बच्चों के साथ एक कमरे में बंद कर लिया था। इसके बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया और पुलिस ने पूरे घर को घेर लिया।
बच्चों के कमरे में होने से पुलिस ने जल्दबाजी नहीं की
मामले की गंभीरता को देखते हुए कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चिंता कमरे में मौजूद तीन बच्चों की सुरक्षा थी। पुलिस लगातार अरविंद से बाहर आने और बच्चों को सुरक्षित छोड़ने की अपील करती रही। अधिकारियों ने बातचीत के जरिए उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन वह कमरे से बाहर आने को तैयार नहीं हुआ। समय बीतने के साथ मौके पर वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंचते गए। गांव में लोगों की भीड़ जुटने लगी थी, इसलिए पुलिस ने आसपास का इलाका खाली कराया। कई घंटे तक चले इस घटनाक्रम में पुलिस की कोशिश यही रही कि बिना किसी और नुकसान के आरोपी और बच्चों को कमरे से बाहर निकाला जाए।
आधी रात के बाद कमांडो पहुंचे और शुरू हो गई फायरिंग
जब काफी देर तक बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला तो बच्चों को सुरक्षित निकालने के लिए कमांडो टीम को बुलाया गया। देर रात टीम मौके पर पहुंची और अरविंद को सरेंडर करने के लिए कहा गया। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान कमरे की तरफ से फायरिंग शुरू हो गई। जवाब में कमांडो ने भी कार्रवाई की। कुछ देर तक दोनों तरफ से गोलियां चलीं। इसके बाद टीम कमरे के अंदर पहुंची तो अरविंद और उसका बेटा घायल हालत में मिले। दोनों को तत्काल अस्पताल भेजा गया। इलाज के दौरान अरविंद की मौत हो गई। उसके बेटे ने भी दम तोड़ दिया। वहीं, कमरे में मौजूद दो अन्य बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
पूजा को लेकर पहले से नाराज था आरोपी, अब जांच में जुटी पुलिस
पुलिस की शुरुआती जांच में धार्मिक अनुष्ठान को लेकर विवाद की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि घर में कई दिनों से पूजा चल रही थी और अरविंद इसको लेकर नाराज था। घटना वाले दिन घर पहुंचने के बाद उसकी पंडितों से कहासुनी हुई और इसके बाद हालात बेकाबू हो गए। हालांकि, पुलिस अभी पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। अधिकारियों का कहना है कि घटना की वास्तविक वजह और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। फिलहाल पुलिस ने घटनास्थल को अपने कब्जे में लेकर साक्ष्य जुटाने और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ का काम शुरू कर दिया है।
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