उत्तर कोरिया (North Korea) ने अमेरिका की अगुवाई वाले बहुपक्षीय प्रतिबंध निगरानी समूह (MSMT) की हालिया रिपोर्ट पर कड़ी आपत्ति जताई है। प्योंगयांग ने रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि उसके दूसरे देशों के साथ सामान्य आर्थिक संबंधों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उत्तर कोरियाई विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने सरकारी मीडिया के जरिए कहा कि व्यापार, आपसी सहयोग और दूसरे देशों के साथ समझौते करना उसके अधिकार क्षेत्र का हिस्सा है। उत्तर कोरिया (North Korea) का कहना है कि किसी बाहरी समूह को इन गतिविधियों में दखल देने या उनकी जांच करने का अधिकार नहीं है।
चीन और रूस में काम कर रहे उत्तर कोरियाई नागरिकों पर विवाद
यह पूरा विवाद MSMT की उस रिपोर्ट के बाद सामने आया, जिसमें उत्तर कोरिया (North Korea) पर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर कोरिया अब भी अपने नागरिकों को रोजगार के लिए विदेश भेज रहा है। समूह ने दावा किया कि बड़ी संख्या में उत्तर कोरियाई नागरिक चीन और रूस में काम कर रहे हैं। रिपोर्ट में यह आरोप भी लगाया गया कि रूस में कुछ उत्तर कोरियाई श्रमिकों की गतिविधियां सैन्य ड्रोन बनाने वाली फैक्ट्रियों से जुड़ी रही हैं। हालांकि, उत्तर कोरिया (North Korea) ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया है।
प्योंगयांग ने UN प्रतिबंधों पर भी उठाए सवाल
उत्तर कोरिया (North Korea) ने विदेशों में अपने नागरिकों को भेजने से जुड़े संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों की वैधता पर भी सवाल खड़े किए हैं। प्योंगयांग का तर्क है कि अगर दो देशों के बीच किसी समझौते के तहत व्यापार या आर्थिक सहयोग हो रहा है तो किसी तीसरे पक्ष को उसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। उत्तर कोरिया (North Korea) ने अमेरिका और कुछ पश्चिमी देशों पर दूसरे देशों की संप्रभुता का सम्मान नहीं करने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों के जरिए सामान्य गतिविधियों को भी गलत रूप में पेश किया जा रहा है।
2024 में बना था निगरानी समूह
MSMT का गठन अक्टूबर 2024 में किया गया था। इसका उद्देश्य उत्तर कोरिया (North Korea) पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रतिबंधों के पालन पर नजर रखना और संभावित उल्लंघनों की जानकारी सामने लाना है। इसका गठन उस समय हुआ था, जब रूस ने उत्तर कोरिया से जुड़े प्रतिबंधों की निगरानी करने वाली संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञ समिति के कार्यकाल को आगे बढ़ाने वाले प्रस्ताव पर वीटो किया था। मौजूदा विवाद में MSMT ने उत्तर कोरिया की गतिविधियों पर सवाल उठाए हैं, जबकि प्योंगयांग ने समूह की रिपोर्ट और उसकी भूमिका दोनों को चुनौती दी है।
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