Homeउत्तर प्रदेशUP की 10 ग्राम पंचायतों की बदलेगी किस्मत! सरकार देगी 50-50 लाख...

UP की 10 ग्राम पंचायतों की बदलेगी किस्मत! सरकार देगी 50-50 लाख रुपये, जानें चयन का पूरा तरीका

उत्तर प्रदेश की 10 ग्राम पंचायतों को मुख्यमंत्री विशेष पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के तहत 50-50 लाख रुपये मिलेंगे। जानें आवेदन, चयन प्रक्रिया और पुरस्कार राशि खर्च करने का तरीका।

-

उत्तर प्रदेश सरकार गांवों में विकास कार्यों को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल करने जा रही है। ‘मुख्यमंत्री विशेष पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना’ के तहत प्रदेश की 10 ग्राम पंचायतों का चयन किया जाएगा। चयनित हर ग्राम पंचायत को 50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस तरह कुल 10 पंचायतों को पुरस्कार के रूप में 5 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य उन ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहित करना है, जो अपने स्तर पर बेहतर विकास कार्य कर रही हैं और ग्रामीणों को सुविधाएं उपलब्ध कराने में आगे हैं। पंचायती राज विभाग ने इसके लिए ग्राम पंचायतों से ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। खास बात यह है कि प्रदेश में पहली बार इस तरह की योजना के जरिए ग्राम पंचायतों को उनके काम के आधार पर सीधे आर्थिक पुरस्कार दिया जाएगा।

 इन 10 श्रेणियों में होगा ग्राम पंचायतों का चयन

योजना के तहत ग्राम पंचायतों का चयन 10 अलग-अलग श्रेणियों में किया जाएगा। इसमें घर-घर कचरा उठाने और उसके सही निस्तारण की व्यवस्था करने वाली पंचायतें शामिल होंगी। इसके अलावा अपनी आय का स्रोत विकसित करने वाली ग्राम पंचायतों को भी मौका मिलेगा। कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से ग्रामीणों तक अधिक सरकारी सेवाएं पहुंचाने वाली पंचायतों का मूल्यांकन किया जाएगा। ‘मेरा तालाब, मेरी योजना’ के तहत अच्छा काम करने वाली पंचायतें भी पुरस्कार की दौड़ में रहेंगी। आधार केंद्र के बेहतर संचालन, दूषित पानी के प्रबंधन, प्लास्टिक मुक्त गांव, पर्यावरण और जैव विविधता संरक्षण, महिला नेतृत्व एवं सहभागिता और जैविक खेती के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाली ग्राम पंचायतों को भी चयन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। इस व्यवस्था से पंचायतों के बीच बेहतर काम करने की प्रतिस्पर्धा बढ़ने की उम्मीद है।

- Advertisement -

ऑनलाइन आवेदन के बाद 20 अंकों की होगी पहली परीक्षा

इस योजना का लाभ लेने के लिए ग्राम पंचायतों को सीएम अवॉर्ड पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के दौरान पंचायतों को अपने काम से जुड़े कई सवालों के जवाब देने होंगे। इस प्रारंभिक चरण में निर्धारित मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा और सफल पंचायतों को 20 अंक मिलेंगे। जो ग्राम पंचायतें इस चरण में निर्धारित मानकों को पूरा करेंगी, उन्हें आगे की जांच प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। योजना के तहत एक ग्राम पंचायत केवल एक ही श्रेणी में आवेदन कर सकेगी। इसके बाद जिला स्तर पर जिलाधिकारी की निगरानी में पंचायतों के काम की जांच होगी। फिर मंडल स्तर पर मंडलायुक्त के माध्यम से सत्यापन कराया जाएगा। अंतिम फैसला राज्य स्तर पर गठित कमेटी करेगी। यदि दो पंचायतों के अंक समान होते हैं, तो अधिक आबादी वाली ग्राम पंचायत को प्राथमिकता दी जाएगी।

पुरस्कार की रकम से गांव में तय होंगे विकास कार्य

चयनित ग्राम पंचायतों को मिलने वाली 50 लाख रुपये की राशि सीधे पंचायत के खाते में भेजी जाएगी। इस धनराशि का इस्तेमाल गांव के विकास कार्यों में किया जाएगा। हालांकि, पैसा किस काम पर खर्च होगा, इसका फैसला ग्राम पंचायत की खुली बैठक में लिया जाएगा। बैठक में ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों की सहमति से विकास कार्यों की प्राथमिकता तय की जाएगी। इसके बाद स्वीकृत कार्यों को पूरा कराया जा सकेगा। इस राशि से गांव में साफ-सफाई, जल प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, सार्वजनिक सुविधाओं और अन्य जरूरी विकास कार्यों को गति मिल सकती है। सरकार को उम्मीद है कि पुरस्कार योजना से ग्राम पंचायतें केवल सरकारी अनुदान पर निर्भर रहने के बजाय अपनी आय बढ़ाने, बेहतर सेवाएं देने और स्थानीय समस्याओं के समाधान पर भी ध्यान देंगी।

Read More-AC कोच में बैठी युवती ऐसा क्या ले जा रही था, बैग खोला तो पुलिस के भी उड़ गए होश

 

- Advertisement -

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest posts