Lucknow News: लखनऊ के निगोहां थाना क्षेत्र में मोबाइल की बकाया किस्त को लेकर एक युवक के साथ कथित तौर पर मारपीट और बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है। परिवार का आरोप है कि मोबाइल की करीब 2,799 रुपये की एक किस्त के लिए रिकवरी एजेंटों ने नवल नाम के युवक को अपने साथ ले जाकर करीब पांच दिन तक बंधक बनाए रखा। इस दौरान उसके साथ मारपीट की गई और उसे खाना-पानी तक नहीं दिया गया। परिजनों के मुताबिक, नवल ने सितंबर 2025 में करीब 21 हजार रुपये का मोबाइल जीरो डाउन पेमेंट पर फाइनेंस कराया था। एक किस्त बाकी होने के बाद कथित तौर पर रिकवरी एजेंट शुभम सिंह और उसका साथी उसके घर पहुंचे। आरोप है कि मंगलवार को दोनों नवल को स्कूटी पर बैठाकर अपने साथ ले गए। इसके बाद परिवार को उसकी सलामती को लेकर चिंता होने लगी।
बंधक बनाकर परिवार से पैसे मंगाने का आरोप
परिवार का कहना है कि नवल को किसी स्थान पर रोककर रखा गया और उसके साथ मारपीट की गई। आरोपियों ने कथित तौर पर नवल के मोबाइल से उसके परिवार का नंबर हासिल किया और बकाया EMI चुकाने के लिए दबाव बनाया। परिजनों का आरोप है कि युवक को जान से मारने की धमकी भी दी गई। डर के कारण परिवार ने UPI के जरिए 2,799 रुपये आरोपियों को भेज दिए। परिवार के मुताबिक, पैसे भेजने के बाद भी नवल को तुरंत नहीं छोड़ा गया। घर लौटने पर नवल ने कथित तौर पर बताया कि बंधक रहने के दौरान उसे खाने के लिए भी नहीं दिया गया। पानी मांगने पर भी उसे परेशान किए जाने का आरोप है। परिवार ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को दी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
ब्लड बैंक में खून निकलवाने का सबसे गंभीर आरोप
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला आरोप नवल का खून निकलवाने को लेकर लगाया गया है। परिजनों का दावा है कि आरोपी युवक को एक ब्लड बैंक लेकर गए, जहां उसका एक यूनिट खून निकलवाया गया। परिवार का यह भी आरोप है कि उस खून को बेच दिया गया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और इसकी सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला केवल EMI की वसूली या कथित बंधक बनाए जाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि युवक को जबरन शारीरिक नुकसान पहुंचाने का गंभीर मामला भी बन सकता है। परिवार के अनुसार, अगले दिन आरोपियों ने कथित तौर पर 12,500 रुपये की अतिरिक्त रकम की मांग की, जिसके बाद उन्होंने पुलिस से मदद लेने का फैसला किया।
पुलिस शिकायत के बाद दर्ज हुआ मुकदमा, तीन टीमें तलाश में
नवल के परिवार के मुताबिक, उन्होंने Lucknow के निगोहां थाने पहुंचकर दरोगा मोहित को घटना की जानकारी दी। आरोप है कि पुलिस से संपर्क के बाद आरोपियों को फोन किया गया और नवल को छोड़ने के लिए कहा गया। इसके बाद शनिवार शाम नवल को ऑटो से थाने भेजे जाने का दावा किया गया। परिवार का आरोप है कि युवक के थाने पहुंचने के बावजूद तत्काल मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद परिजनों ने डीसीपी दक्षिणी मो. मुश्ताक से शिकायत की। डीसीपी के निर्देश के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। मामले की जांच के लिए तीन पुलिस टीमें गठित कर आरोपियों की तलाश की जा रही है। साथ ही थाने स्तर पर कथित लापरवाही के आरोपों की जांच के निर्देश भी दिए गए हैं। अब पुलिस जांच से यह स्पष्ट होगा कि युवक को वास्तव में कितने समय तक बंधक रखा गया और ब्लड बैंक में खून निकलवाने से जुड़े आरोपों में कितनी सच्चाई है।
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