Aligarh News: अलीगढ़ के खैर क्षेत्र में एक मासूम बच्ची की मौत के बाद जाम को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों का आरोप है कि बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल ले जाते समय रास्ते में करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक जाम में फंसे रहने के कारण उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। परिवार के मुताबिक, बच्ची की तबीयत पहले से खराब थी, लेकिन 2 सितंबर को उसकी हालत अचानक ज्यादा गंभीर हो गई। इसके बाद बच्ची के चाचा उसे गोद में लेकर अस्पताल के लिए निकल पड़े। रास्ते में जाम मिलने के कारण उन्हें काफी परेशानी हुई और समय पर अस्पताल पहुंचना मुश्किल हो गया।
चाचा की गोद में बिगड़ती गई हालत, अस्पताल पहुंचते ही मौत
बच्ची के पिता कन्हैया लाल अनाज मंडी में मजदूरी करते हैं। परिवार के अनुसार उनकी बेटी उर्मी कुछ समय से बीमार चल रही थी। जब उसकी तबीयत ज्यादा खराब हुई तो चाचा उसे लेकर अस्पताल की ओर रवाना हुए। परिजनों का कहना है कि रास्ते में भारी जाम के कारण चाचा काफी देर तक फंसे रहे। इस दौरान बच्ची की हालत लगातार खराब होती गई। परिवार का दावा है कि करीब एक घंटे से अधिक समय तक जाम में फंसे रहने के बाद किसी तरह बच्ची को अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, वहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद परिवार ने जाम और इलाज में हुई देरी को बच्ची की मौत से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं।
खैर का जाम पहले भी बन चुका है परेशानी की वजह
परिजनों ने कहा कि खैर क्षेत्र में जाम लगना कोई नई बात नहीं है। यहां अक्सर यातायात की स्थिति खराब होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। परिवार का आरोप है कि अगर रास्ते में जाम नहीं होता और बच्ची को समय पर इलाज मिल जाता तो शायद स्थिति अलग हो सकती थी। बच्ची को गोद में लेकर अस्पताल पहुंचने की तस्वीर और परिवार का दावा घटना को लेकर लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, बच्ची की मौत की वास्तविक वजह को लेकर परिवार और पुलिस के दावों में अंतर सामने आया है।
पुलिस ने जाम को वजह मानने से किया इनकार
मामले में पुलिस ने परिवार के आरोपों को भ्रामक बताया है। पुलिस के मुताबिक बच्ची की मौत जाम में फंसने के कारण नहीं हुई। पुलिस का कहना है कि बच्ची को तेज बुखार था और वह गंभीर बीमारी से पीड़ित थी। इसी वजह से उसकी हालत बिगड़ी और उसकी मौत हुई। पुलिस ने जाम की वजह से इलाज में देरी होने और इसी कारण बच्ची की जान जाने के दावे को खारिज किया है। ऐसे में इस घटना में सबसे बड़ा सवाल बच्ची की मौत की वास्तविक वजह को लेकर है। फिलहाल परिवार के आरोप और पुलिस के बयान एक-दूसरे से अलग हैं।
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