उत्तर प्रदेश की कैसरगंज लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद करण भूषण सिंह ने आरक्षण सुधार को लेकर चल रही बहस के बीच अपनी पार्टी को अहम सलाह दी है। पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बेटे करण भूषण ने कहा कि आरक्षण का मौजूदा विवाद गंभीर विषय है और इसे लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को बैठकर बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर ज्यादा राजनीतिक टिप्पणी नहीं करना चाहते, लेकिन उनका व्यक्तिगत विचार है कि बातचीत के जरिए इस मामले को सुलझाने की कोशिश होनी चाहिए। करण भूषण सिंह ने यह भी कहा कि कुछ लोग ऐसे हो सकते हैं जो इस मुद्दे को गलत दिशा में ले जा रहे हैं। उनके इस बयान को आरक्षण सुधार को लेकर बीजेपी के भीतर चल रही चर्चाओं के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
‘बड़े नेताओं को इस पर बात करनी चाहिए’
करण भूषण सिंह ने कहा कि आरक्षण को लेकर जिस तरह की स्थिति बन रही है, वह गंभीर है। उनके मुताबिक इस मुद्दे को सड़क के प्रदर्शन और बयानबाजी तक सीमित रखने के बजाय पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को इस पर विचार-विमर्श करना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि यह उनकी व्यक्तिगत राय है और वह विवाद को बढ़ाने के बजाय समाधान की बात कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर सभी पक्ष बैठकर बातचीत करें तो मामले को बेहतर तरीके से समझा और सुलझाया जा सकता है। करण भूषण का यह बयान ऐसे समय आया है, जब आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर दिल्ली समेत कई जगहों पर प्रदर्शन और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
सतीश महाना के राष्ट्रगान वाले वीडियो पर भी बोले
बीजेपी सांसद ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना से जुड़े विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी। राष्ट्रगान के दौरान उनके बीच में कार्यक्रम से चले जाने का वीडियो सामने आने के बाद विवाद हुआ था। करण भूषण सिंह ने इसे गलती बताते हुए कहा कि वीडियो देखकर उन्हें भी अच्छा नहीं लगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि संभव है उस समय सतीश महाना के दिमाग में कई बातें चल रही हों या उन्हें किसी दूसरे कार्यक्रम में जाना हो। करण भूषण ने कहा कि बाद में जब उन्हें अपनी गलती के बारे में जानकारी मिली होगी तो उन्हें भी इसकी चिंता हुई होगी। उन्होंने लोगों से इस घटना को केवल गलती के तौर पर देखने की बात कही।
आरक्षण सुधार पर पहले से गरम है सियासत
आरक्षण सुधार की मांग को लेकर देश में राजनीतिक बहस लगातार तेज हो रही है। प्रदर्शनकारियों का एक वर्ग मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा और आर्थिक आधार को अधिक महत्व देने की मांग कर रहा है। दूसरी ओर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने ‘आरक्षण सुधार’ की मांग को आरक्षण खत्म करने की कोशिश बताया है। उन्होंने कहा है कि आरक्षण व्यवस्था बनी रहनी चाहिए। वहीं यूपी के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने आंदोलन से जुड़े छात्रों से मुलाकात कर उनकी मांगें सुनी थीं और उन्हें सरकार तक पहुंचाने का भरोसा दिया था। ऐसे माहौल में करण भूषण सिंह का वरिष्ठ नेताओं से बातचीत कर समाधान निकालने का सुझाव आरक्षण के मुद्दे पर बीजेपी की आगे की रणनीति को लेकर चर्चा बढ़ा सकता है।
