Patna News: बिहार में छात्रों और युवाओं के मुद्दों को लेकर आरजेडी का राजभवन मार्च शुरू हो गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की अगुवाई में पार्टी कार्यकर्ता पटना की सड़कों पर उतरकर पेपर लीक, बेरोजगारी, भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी और छात्रों पर गोली चलाने के आरोपों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। मार्च के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी डमी AK-47 लेकर भी पहुंचे, जिसके बाद यह मुद्दा चर्चा में आ गया। आरजेडी ने सोशल मीडिया पर इसका वीडियो शेयर करते हुए सरकार पर निशाना साधा है।
तेजस्वी के नेतृत्व में शुरू हुआ राजभवन मार्च
तेजस्वी यादव के नेतृत्व में शुरू हुआ यह मार्च गांधी मैदान से राजभवन की ओर बढ़ रहा है। मार्च में बड़ी संख्या में आरजेडी कार्यकर्ता शामिल हैं। पार्टी का कहना है कि यह प्रदर्शन केवल राजनीतिक विरोध के लिए नहीं, बल्कि छात्रों और युवाओं की समस्याओं को सामने रखने के लिए किया जा रहा है। आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा कि बिहार में परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियों और बेरोजगारी को लेकर युवाओं में नाराजगी है। उनके मुताबिक, मार्च का मकसद सरकार से इन समस्याओं का समाधान मांगना है। प्रदर्शन के दौरान डाक बंगला चौराहे पर लगाए गए बैरिकेड को भी कार्यकर्ताओं ने तोड़ दिया और आगे बढ़ गए।
डमी AK-47 लेकर पहुंचे प्रदर्शनकारी, सरकार से पूछा सवाल
मार्च के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी हाथों में डमी AK-47 लेकर नजर आए। आरजेडी ने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए सरकार पर हमला बोला। पार्टी का आरोप है कि छात्रों पर गोली चलाने के मामले में सरकार को जवाब देना चाहिए कि आखिर AK-47 से फायरिंग का आदेश किसने दिया था। तेजस्वी यादव भी पहले इस मामले को लेकर सरकार से स्पष्ट जवाब की मांग कर चुके हैं। आरजेडी ने पेपर लीक, बेरोजगारी और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के साथ इस मुद्दे को भी मार्च का प्रमुख विषय बनाया है। प्रदर्शनकारियों के हाथ में डमी हथियार दिखने के बाद पुलिस और प्रशासन की गतिविधियों पर भी लोगों की नजर है।
TRE-4 को लेकर भी छात्रों का आंदोलन जारी
पटना में छात्रों का अलग आंदोलन भी चल रहा है। कई अभ्यर्थी ‘छात्र न्याय सत्याग्रह’ के तहत अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। इनमें बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 से जुड़ी मांगें प्रमुख हैं। छात्रों की मांग के बाद सरकार ने TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के तहत 32,388 पदों पर नियुक्ति की जानी है। आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर से 30 सितंबर तक चलेगी। इसके बावजूद छात्रों ने अपना आंदोलन खत्म नहीं किया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि TRE-4 में केवल एक परीक्षा होनी चाहिए और सरकार अगर भर्ती प्रक्रिया में कोई नया प्रयोग करना चाहती है तो उसे TRE-5 से लागू किया जाए।
डोमिसाइल नीति समेत कई मांगों पर अड़े अभ्यर्थी
छात्र TRE-4 में डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि बिहार के अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए भर्ती प्रक्रिया में स्थानीय उम्मीदवारों के लिए स्पष्ट व्यवस्था होनी चाहिए। वहीं, तेजस्वी यादव का मार्च छात्रों के इन्हीं मुद्दों को राजनीतिक तौर पर भी उठाने की कोशिश माना जा रहा है। आरजेडी का आरोप है कि बिहार में परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियां और बेरोजगारी युवाओं के लिए बड़ी समस्या बन चुकी हैं। दूसरी ओर, सरकार की तरफ से TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी किया जा चुका है। अब नजर इस बात पर है कि राजभवन मार्च के दौरान तेजस्वी यादव सरकार के सामने कौन-कौन से सवाल रखते हैं और प्रशासन प्रदर्शन को किस तरह संभालता है।
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