उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहाँ के महोबकंठ थाना क्षेत्र के एक गांव में 15 और 16 अगस्त की दरमियानी रात को 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक 15 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ दो दबंग युवकों द्वारा गैंगरेप की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया गया। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। आधी रात को घर में हुई इस अचानक हैवानियत से पीड़िता और उसका परिवार गहरे सदमे में है, वहीं पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर भी कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
दीवार फांदकर घर में घुसे थे आरोपी, तमंचे के बल पर दिया वारदात को अंजाम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता अपने घर के कमरे में चैन की नींद सो रही थी, तभी गांव के ही रहने वाले दो शातिर युवक नितेश उर्फ नीलेश यादव और राघवेंद्र यादव चुपचाप दीवार फांदकर घर के अंदर घुस आए। आरोपियों ने सोते समय नाबालिग को दबोच लिया, उसके हाथ-पैर बांध दिए और मुंह दबाकर उसे किसी को भी कुछ न बताने की धमकी दी। इसके बाद दोनों ने मिलकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। इसी दौरान जब बच्ची की चीख-पुकार सुनकर उसके पिता की नींद खुली और वे तुरंत कमरे की तरफ दौड़े, तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की नीयत से तमंचा दिखाकर डराने की कोशिश की।
एक आरोपी मौके पर काबू, दूसरा हुआ फरार; परिजनों का पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप
हालात की गंभीरता को दरकिनार करते हुए पीड़ित परिवार ने गजब की हिम्मत दिखाई और अपनी जान की परवाह न करते हुए मौके पर ही एक आरोपी नितेश को धर दबोचा, जबकि दूसरा आरोपी राघवेंद्र अंधेरे का फायदा उठाकर वहां से फरार होने में कामयाब हो गया। घटना के बाद से पीड़ित परिवार न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। परिजनों का यह भी आरोप है कि पुलिस ने मौके पर पकड़े गए आरोपी को भी छोड़ दिया और पुलिसकर्मी आरोपियों के घर जाकर मेल-मिलाप कर रहे हैं। साथ ही, उनकी मूल तहरीर के मुताबिक मुकदमा दर्ज न किए जाने की बात भी कही जा रही है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, मेडिकल परीक्षण के बाद शुरू हुई गहन कानूनी जांच
इस सनसनीखेज मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए महोबकंठ थाना पुलिस ने बताया कि प्राप्त शिकायत के आधार पर दोनों नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल भेज दिया है और मामले की वैज्ञानिक तथा वैधानिक जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार चल रहे दूसरे आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
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