कांग्रेस मुख्यालय में 15 अगस्त को हुए स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम्’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब और बढ़ गया है। भारतीय जनता पार्टी ने एक वीडियो सामने लाकर राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा है। बीजेपी का दावा है कि वीडियो में राहुल गांधी ‘वंदे मातरम्’ को लेकर कुछ ऐसा कहते सुनाई दे रहे हैं, जिसे लेकर कांग्रेस को देश से माफी मांगनी चाहिए। वहीं कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों को खारिज किया है और पूरे मामले को अलग संदर्भ में देखने की बात कही है।
बीजेपी ने वीडियो दिखाकर लगाए गंभीर आरोप
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक वीडियो दिखाया। बीजेपी के मुताबिक, इसमें राहुल गांधी की आवाज सुनाई दे रही है, जिसमें वह कथित तौर पर कहते हैं कि ‘हमें गाने की जरूरत नहीं है।’ वीडियो में आगे ‘वंदे मातरम्’ को लेकर भी कुछ बातें सुनाई देने का दावा किया गया है। बीजेपी ने इसी वीडियो के आधार पर कांग्रेस पर देशवासियों की भावनाओं का अपमान करने का आरोप लगाया। प्रदीप भंडारी ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन और देशभक्ति से जुड़ी भावना का प्रतीक है। उन्होंने कांग्रेस से इस मामले में माफी की मांग की।
15 अगस्त के कार्यक्रम से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान तिरंगा फहराने के बाद ‘वंदे मातरम्’ का गायन हुआ। इसी दौरान सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बीच बातचीत करते हुए नजर आने का वीडियो सामने आया। इसके बाद बीजेपी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने ‘वंदे मातरम्’ के गायन में बाधा डालने की कोशिश की। बीजेपी नेता अमित मालवीय ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कांग्रेस पर निशाना साधा और दावा किया कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी की ओर से गायन को लेकर आपत्ति जताई गई थी।
कांग्रेस ने आरोपों को बताया गलत, दी अलग वजह
बीजेपी के आरोपों के बाद कांग्रेस ने पूरे मामले पर सफाई दी। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ का गायन रोकने की कोई कोशिश नहीं हुई थी। उनके मुताबिक, सोनिया गांधी केवल लंबे समय से खड़े कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी लाने की बात कर रही थीं। जयराम रमेश ने यह भी कहा कि कांग्रेस में ‘वंदे मातरम्’ के सम्मान और गायन को लेकर कोई विवाद नहीं है। उन्होंने 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक का हवाला देते हुए कहा कि उस समय तय हुआ था कि कांग्रेस के कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ के शुरुआती अंतरों का गायन किया जाएगा।
पूरे मामले पर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज
कांग्रेस का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ का पूरा गायन हुआ था। वहीं बीजेपी इस मामले को कांग्रेस की राष्ट्रभक्ति से जोड़कर लगातार सवाल उठा रही है। बीजेपी नेताओं का आरोप है कि वीडियो में राहुल गांधी के कथित बयान से कांग्रेस की सोच सामने आती है। दूसरी ओर, कांग्रेस ने बीजेपी पर घटना को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है। ऐसे में राहुल गांधी से जुड़े नए वीडियो के सामने आने के बाद ‘वंदे मातरम्’ विवाद ने एक बार फिर राजनीतिक तूल पकड़ लिया है।
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