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आंख फोड़ने वाली AI फोटो भेजी, फिर पिता से मांगे 1 लाख रुपये… गोरखपुर में बेटे ने क्यों रची अपहरण की साजिश?

गोरखपुर में ऑनलाइन गेमिंग के लिए किशोर ने खुद के अपहरण की झूठी कहानी रची। AI से घायल होने की फोटो बनाकर पिता से 1 लाख रुपये मांगे, पुलिस ने 2 घंटे में बरामद किया।

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Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। यहां एक किशोर ने अपने अपहरण की झूठी कहानी तैयार की और पिता से एक लाख रुपये मांग लिए। उसने डर पैदा करने के लिए AI की मदद से ऐसी तस्वीर तैयार की, जिसमें वह घायल दिखाई दे रहा था और उसकी एक आंख को नुकसान पहुंचा हुआ दिखाया गया। तस्वीर देखकर परिवार घबरा गया और पुलिस को अपहरण की सूचना दी गई। हालांकि, पुलिस ने तकनीकी जांच की मदद से महज दो घंटे में किशोर को सुरक्षित बरामद कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया।

AI से बनाई खौफनाक तस्वीर, पिता को भेजा मैसेज

किशोर मूल रूप से संतकबीर नगर जिले के एक कस्बे का रहने वाला बताया गया है। वह गोरखपुर के सिकरीगंज थाना क्षेत्र में अपने मामा के घर रहकर पढ़ाई कर रहा था। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि उसे ऑनलाइन गेम खेलने की आदत हो गई थी और गेम में पैसे लगाने के लिए उसे रुपयों की जरूरत थी। इसी के चलते उसने दोस्तों के साथ मिलकर खुद के अपहरण की कहानी तैयार की। इसके बाद AI की मदद से अपनी एक ऐसी फोटो बनवाई, जिसमें वह अपहरणकर्ताओं के चंगुल में फंसा और घायल नजर आ रहा था। तस्वीर के साथ पिता के मोबाइल पर व्हाट्सऐप मैसेज भेजकर एक लाख रुपये की मांग की गई। फोटो और मैसेज देखकर पिता बुरी तरह घबरा गए और उन्होंने इसकी जानकारी गोरखपुर में रह रहे अपने साले को दी। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस तक पहुंची।

दो घंटे में पुलिस ने खोज निकाला पूरा सच

किशोर के मामा ने सिकरीगंज थाने में उसके लापता होने और फिरौती मांगे जाने की शिकायत दर्ज कराई। मामला सामने आते ही पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की। पुलिस टीम ने मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी जानकारी की मदद से किशोर की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को उसके ठिकाने के बारे में सुराग मिला और करीब दो घंटे के भीतर उसे उसके एक दोस्त के घर से सकुशल बरामद कर लिया गया। इसके बाद पुलिस ने किशोर से पूछताछ की। पूछताछ में उसने कथित तौर पर स्वीकार किया कि ऑनलाइन गेम में पैसे लगाने के लिए उसने यह पूरा प्लान बनाया था। पुलिस के मुताबिक, फिरौती की रकम किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं मांगी थी, बल्कि किशोर ने खुद अपने पिता को मैसेज भेजा था। बरामदगी के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया।

ऑनलाइन गेमिंग की लत बनी बड़ी वजह

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में किशोर के ऑनलाइन गेम खेलने का आदी होने की बात सामने आई। वह गेम में पैसे खर्च करना चाहता था और इसी जरूरत को पूरा करने के लिए उसने अपने ही अपहरण का नाटक कर दिया। पुलिस ने बताया कि इस मामले में सिकरीगंज थाने में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक दक्षिणी दिनेश कुमार पुरी के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी खजनी दीपांशी राठौर के पर्यवेक्षण में की गई। पुलिस टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर किशोर को सुरक्षित बरामद किया। इस घटना ने यह भी दिखाया कि AI से तैयार की गई नकली तस्वीरों का इस्तेमाल लोगों को डराने या गुमराह करने के लिए किया जा सकता है। ऐसे मामलों में किसी भी संदिग्ध तस्वीर या मैसेज पर तुरंत भरोसा करने के बजाय पुलिस को सूचना देना जरूरी है।

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