Bihar News: बिहार के गयाजी जिले से शुक्रवार, 14 अगस्त को एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। डोभी प्रखंड के गढ़ करमौनी गांव में पुराने कुएं में उतरने के बाद पिता-पुत्र समेत चार लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि कुएं में मोटर ठीक करने के दौरान एक व्यक्ति की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। उसे बचाने के लिए पहले उसका बेटा कुएं में उतरा और इसके बाद दो अन्य ग्रामीण भी मदद के लिए अंदर चले गए। आशंका जताई जा रही है कि कुएं में मौजूद जहरीली गैस के कारण सभी की जान गई।
मोटर ठीक करने उतरा था शख्स, अचानक बिगड़ी हालत
जानकारी के मुताबिक, गांव का एक व्यक्ति पुराने कुएं में लगी मोटर को ठीक करने के लिए नीचे उतरा था। कुएं के अंदर पहुंचने के कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और वह पानी में छटपटाने लगा। पिता को परेशानी में देखकर उसका बेटा भी बिना देर किए उसे बचाने के लिए कुएं में उतर गया। इसके बाद आसपास मौजूद दो अन्य ग्रामीण भी मदद के लिए कुएं में चले गए। बताया जा रहा है कि कुछ ही समय में चारों की हालत खराब हो गई और वे बाहर नहीं निकल सके। घटना के बाद ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई।
बचाव के दौरान फायर ब्रिगेड कर्मी भी हुए बेहोश
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव की टीम मौके पर पहुंची। शवों को बाहर निकालने के लिए अग्निशमन विभाग की टीम को बुलाया गया। रेस्क्यू के दौरान कुएं में जहरीली गैस का असर इतना ज्यादा बताया गया कि फायर ब्रिगेड के कुछ कर्मी भी बेहोश हो गए। उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। करीब 45 मिनट तक चले बचाव अभियान के बाद चारों लोगों के शव कुएं से बाहर निकाले जा सके। हालात को देखते हुए एसडीआरएफ की टीम को भी मौके पर बुलाया गया था।
पिता-पुत्र समेत इन चार लोगों की गई जान
इस हादसे में विजय चौधरी, विकास चौधरी, दिलचंद मांझी और चमारी मांझी की मौत हुई है। मृतकों में विजय चौधरी और विकास चौधरी पिता-पुत्र बताए जा रहे हैं। घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है और मृतकों के परिवारों में चीख-पुकार मची हुई है। ग्रामीणों की बड़ी संख्या मौके पर जुट गई थी। प्रशासन की टीम पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है। शुरुआती तौर पर कुएं में जहरीली गैस की मौजूदगी को हादसे की वजह माना जा रहा है, हालांकि घटना की सही वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
पुराने कुएं में जहरीली गैस का खतरा, सावधानी जरूरी
पुराने और लंबे समय से बंद या कम इस्तेमाल होने वाले कुओं में ऑक्सीजन की कमी या जहरीली गैस जमा होने का खतरा रहता है। ऐसे स्थान पर बिना सुरक्षा उपकरण के उतरना जानलेवा हो सकता है। गढ़ करमौनी की घटना में भी एक व्यक्ति को बचाने की कोशिश में एक के बाद एक चार लोग कुएं में चले गए और सभी की जान चली गई। हादसे के बाद गांव में सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से खबर लिखे जाने तक इस मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था।
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