पुणे जिले के बारामती में रविवार, 9 अगस्त को एक बार फिर प्रशिक्षण विमान दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, हादसा दोपहर करीब 12:35 बजे बारामती एयरपोर्ट परिसर में हुआ। ट्रेनिंग विमान लैंडिंग की कोशिश कर रहा था, इसी दौरान वह जमीन पर जा गिरा। राहत की बात यह रही कि विमान में मौजूद ट्रेनी पायलट सुरक्षित बच गया और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। शुरुआती जानकारी के अनुसार विमान को भी बहुत ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा है। घटना के बाद एयरपोर्ट परिसर में मौजूद लोगों के बीच कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। विमान प्रशिक्षण के दौरान हुई इस घटना ने एक बार फिर बारामती एयरपोर्ट की सुरक्षा और ट्रेनिंग उड़ानों को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। फिलहाल हादसे की सटीक वजह सामने नहीं आई है और इसकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि विमान लैंडिंग के दौरान किन परिस्थितियों में दुर्घटनाग्रस्त हुआ।
तीन महीने पहले भी हुआ था ट्रेनिंग विमान हादसा
बारामती में ट्रेनिंग विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 13 मई 2026 को भी बारामती के गोजुबावी इलाके में एक प्रशिक्षण विमान हादसे का शिकार हुआ था। बताया गया था कि विमान को तकनीकी समस्या के बाद आपात स्थिति में उतारना पड़ा था। उस घटना में भी ट्रेनी पायलट की जान बच गई थी। अब करीब तीन महीने के भीतर इसी इलाके में दोबारा प्रशिक्षण विमान दुर्घटना होने से उड़ान प्रशिक्षण की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। बारामती एयरपोर्ट परिसर में पायलट प्रशिक्षण से जुड़ी दो संस्थाएं संचालित होती हैं, जिसके कारण यहां नियमित रूप से ट्रेनिंग फ्लाइट्स आती-जाती रहती हैं। ऐसे में लगातार होने वाली घटनाएं प्रशिक्षण विमानों की तकनीकी जांच, उड़ान संचालन और आपातकालीन व्यवस्था पर ध्यान देने की जरूरत को सामने ला रही हैं।
जनवरी में अजित पवार समेत 5 लोगों की गई थी जान
बारामती एयरपोर्ट का नाम इसी साल जनवरी में हुए एक बड़े विमान हादसे के बाद भी चर्चा में आया था। जनवरी 2026 में एक चार्टर विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें महाराष्ट्र के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी। उस हादसे के बाद विमान सुरक्षा और बारामती एयरपोर्ट से जुड़ी व्यवस्थाओं पर व्यापक चर्चा हुई थी। अब उसी साल फिर से एयरपोर्ट परिसर में ट्रेनिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना सामने आई है। हालांकि दोनों घटनाओं की परिस्थितियां अलग हो सकती हैं और मौजूदा हादसे में किसी की जान नहीं गई है। फिर भी लगातार विमान हादसों की घटनाओं के कारण स्थानीय स्तर पर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। मौजूदा हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
हादसों के बाद अब सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
बारामती में लगातार सामने आ रही विमान दुर्घटनाओं ने एयरपोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्र में उड़ान सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर प्रशिक्षण उड़ानों के मामले में विमान की तकनीकी स्थिति, पायलट प्रशिक्षण, रनवे संचालन और निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है, इसकी जांच जरूरी मानी जा रही है। रविवार को हुए हादसे में ट्रेनी पायलट के सुरक्षित बचने से बड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन ऐसी घटनाओं को केवल संयोग मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जरूरत इस बात की है कि हादसे की वजह का पता लगाकर उससे जुड़े सुरक्षा पहलुओं की समीक्षा की जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। फिलहाल जांच एजेंसियां हादसे से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी जुटा रही हैं। इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
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