दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन को लेकर दिया गया भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सांसद कंगना रनौत का बयान अब राजनीतिक विवाद का रूप लेता जा रहा है। उनके बयान पर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। समाजवादी पार्टी (सपा) की मैनपुरी सांसद डिंपल यादव ने भी इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि ऐसा बयान उस व्यक्ति की ओर से आया है, जिसने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाई है। डिंपल यादव ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों को अपने शब्दों का चुनाव सोच-समझकर करना चाहिए। उनका कहना था कि किसी भी वर्ग या पीढ़ी के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल लोकतांत्रिक माहौल के लिए सही नहीं माना जा सकता।
कंगना के बयान पर बढ़ा विवाद, विपक्ष ने जताया विरोध
पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब कंगना रनौत ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे ‘जेन-जी’ छात्रों को लेकर विवादित टिप्पणी की। इस बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक बहस तेज हो गई। कई विपक्षी नेताओं ने इसे असंवेदनशील बताते हुए आलोचना की। डिंपल यादव ने कहा कि इस तरह के बयान समाज में गलत संदेश देते हैं और लोकतांत्रिक संवाद को कमजोर करते हैं। वहीं, आंदोलन से जुड़े कुछ प्रतिनिधियों ने भी कंगना की टिप्पणी पर नाराजगी जताई और कहा कि किसी भी आंदोलन में शामिल युवाओं को इस तरह संबोधित करना उचित नहीं है। हालांकि, अब तक कंगना रनौत ने अपने बयान पर कोई खेद व्यक्त नहीं किया है, जिससे विवाद और गहराने की संभावना जताई जा रही है।
कंगना ने अपने बयान का दिया पक्ष, आंदोलन की भाषा पर उठाए सवाल
विवाद बढ़ने के बीच कंगना रनौत ने अपने बयान का पक्ष भी रखा। उन्होंने कहा कि उन्हें छात्रों के आंदोलन से नहीं, बल्कि आंदोलन के दौरान इस्तेमाल की गई कथित आपत्तिजनक भाषा पर आपत्ति है। उनका कहना था कि देश के प्रधानमंत्री और उनके परिवार के खिलाफ जिस तरह की टिप्पणियां की गईं, वह किसी भी लोकतांत्रिक विरोध का हिस्सा नहीं हो सकतीं। कंगना ने यह भी कहा कि उन्होंने खुद अपने छात्र जीवन में आंदोलनों का हिस्सा लिया है, लेकिन विरोध दर्ज कराने की भी एक मर्यादा होती है। उनके अनुसार, यदि आंदोलन के नाम पर अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किया जाता है, तो उस पर सवाल उठाना जरूरी है। इसी बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर और तेज हो गया।
कानूनी खर्च और युवाओं के भविष्य पर भी दी टिप्पणी, विवाद अभी थमता नहीं दिख रहा
कंगना रनौत ने अपने बयान में यह भी कहा कि अगर भविष्य में आंदोलन में शामिल युवाओं को कानूनी सहायता की जरूरत पड़े, तो क्या उनके परिवार उसका खर्च उठा पाएंगे। उन्होंने कहा कि उन्होंने कम उम्र में ही अपना करियर शुरू कर लिया था और हमेशा आत्मनिर्भर बनने की कोशिश की। उनके इस बयान पर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में संसद और राजनीतिक मंचों पर भी चर्चा का विषय बन सकता है। फिलहाल एक तरफ विपक्ष कंगना के बयान को लेकर लगातार हमला बोल रहा है, तो दूसरी ओर बीजेपी की ओर से इस विवाद पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह मामला अभी और तूल पकड़ सकता है।
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