दिल्ली में जारी राजनीतिक गतिविधियों और विरोध प्रदर्शनों के बीच बुधवार को संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के अध्यक्ष शरद पवार की मुलाकात ने नई राजनीतिक चर्चाओं को जन्म दे दिया। इस मुलाकात में लोकसभा सांसद और एनसीपी (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले भी मौजूद रहीं। बैठक के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से दोनों नेताओं की मुलाकात की तस्वीरें साझा की गईं, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में कई तरह के कयास लगाए जाने लगे। हालांकि, बैठक में किन-किन विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसके बावजूद परिसीमन (Delimitation) और हालिया छात्र आंदोलनों समेत कई मुद्दों को लेकर अटकलों का दौर तेज हो गया है।
परिसीमन को लेकर पहले ही दे चुकी हैं संकेत
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब सुप्रिया सुले हाल ही में परिसीमन प्रस्ताव को लेकर अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट कर चुकी हैं। उन्होंने कहा था कि यदि सभी राज्यों में समान रूप से करीब 50 प्रतिशत सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव लाया जाता है तो उनकी पार्टी इस पर सकारात्मक विचार कर सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा था कि इस विषय पर अंतिम निर्णय इंडिया गठबंधन के अन्य दलों से चर्चा के बाद ही लिया जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसद में हुई इस मुलाकात के दौरान परिसीमन जैसे अहम मुद्दे पर बातचीत होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि किसी भी पक्ष की ओर से नहीं की गई है।
हाल के आंदोलनों को लेकर भी चर्चा की अटकलें
बीते दिनों शरद पवार और सुप्रिया सुले छात्र आंदोलन के समर्थन में आयोजित प्रदर्शन में शामिल हुए थे। वहीं सुप्रिया सुले ने पुलिस कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने विपक्षी नेताओं के साथ हुए व्यवहार पर सवाल उठाते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की बात कही थी। ऐसे में संसद में प्रधानमंत्री और शरद पवार की मुलाकात के बाद यह चर्चा भी तेज हो गई कि हालिया घटनाक्रम और विरोध प्रदर्शनों को लेकर भी बातचीत हुई होगी। हालांकि अब तक न प्रधानमंत्री कार्यालय और न ही एनसीपी (एसपी) की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। इसलिए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
मुलाकात के बाद फिर तेज हुई राजनीतिक चर्चाएं
हाल के दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी समय-समय पर सामने आती रही है कि भविष्य में समीकरण बदल सकते हैं। ऐसे माहौल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शरद पवार की मुलाकात ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी है। हालांकि दोनों नेताओं की ओर से इस मुलाकात को लेकर कोई राजनीतिक संकेत नहीं दिया गया है। फिलहाल इसे एक औपचारिक मुलाकात माना जा रहा है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों की नजर आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बयानों और घटनाक्रम पर बनी हुई है। अब देखना होगा कि यह मुलाकात केवल शिष्टाचार तक सीमित रहती है या आगे चलकर इसका कोई राजनीतिक असर भी देखने को मिलता है।
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