जंतर-मंतर पर नाबालिग लड़की के पिता से कथित मारपीट के मामले में गिरफ्तार स्वतंत्र भारद्वाज को रविवार, 6 सितंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इस बीच स्वतंत्र के चाचा रंजीत झा ने मामले को लेकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र राष्ट्र प्रेमी है, लेकिन उसे गलत तरीके से ‘गुंडा’ बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परिवार को पुलिस और कानून पर भरोसा है और उन्हें उम्मीद है कि जांच में सच्चाई सामने आएगी।
पॉडकास्ट में कही बात को लेकर दिया स्पष्टीकरण
रंजीत झा ने बातचीत में कहा कि स्वतंत्र ने पॉडकास्ट में जो बात कही थी, उसका गलत मतलब निकाला गया। उनके मुताबिक, उसके बयान के अर्थ का अनर्थ किया गया है। उन्होंने इस मामले में नाबालिग लड़की से जुड़े पक्ष पर भी कार्रवाई की मांग की। हालांकि, यह रंजीत झा का पक्ष है और मामले में पुलिस की जांच तथा अदालत की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
परिवार और पढ़ाई को लेकर चाचा ने दी जानकारी
रंजीत झा ने बताया कि स्वतंत्र की पढ़ाई पटना में हुई और इसके बाद उसने दिल्ली यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया। उन्होंने कहा कि उनका परिवार संयुक्त परिवार है और कुल पांच भाई हैं। उनके मुताबिक, स्वतंत्र के पिता निगरानी विभाग में सब-इंस्पेक्टर हैं और परिवार पटना में रहता है। उन्होंने यह भी बताया कि स्वतंत्र की मां पटना हाई कोर्ट में वकील हैं और उसकी एक बड़ी बहन भी है, जो अभी पढ़ाई कर रही है।
FIR में बढ़ती गईं धाराएं
दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार किया था। शुरुआती एफआईआर कथित मारपीट से जुड़ी थी। बाद में मामले में SC/ST एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं और अब उसके खिलाफ POCSO एक्ट के तहत भी मामला दर्ज होने की बात सामने आई है। स्वतंत्र के चाचा ने आरोप लगाया कि मामले को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है और कानून की धाराओं के दुरुपयोग की बात कही। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आरोपों पर अंतिम स्थिति पुलिस की जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
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