मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत कुमार सिंह (Anant Singh) सोमवार, 7 सितंबर 2026 को पार्टी कार्यालय पहुंचे। यहां जेडीयू की एक अहम बैठक बुलाई गई थी, जिसमें उन्हें भी शामिल होना था। कार्यालय पहुंचने के बाद मीडिया ने उनसे कई सवाल किए, लेकिन अनंत सिंह (Anant Singh) ने किसी भी राजनीतिक मुद्दे पर खुलकर जवाब नहीं दिया। उनकी चुप्पी ने चर्चाओं को और हवा दे दी है। खास बात यह है कि पार्टी दफ्तर में उनकी मौजूदगी ऐसे समय हुई है, जब बिहार में विधान परिषद की कुछ सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं।
अनुज सिंह के समर्थन के बाद पार्टी ने बुलाया
अनंत सिंह (Anant Singh) ने हाल ही में विधान परिषद चुनाव को लेकर डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में बयान दिया था। उन्होंने जेडीयू के वरिष्ठ नेता और विधान पार्षद नीरज कुमार के खिलाफ भी अपनी बात खुलकर रखी थी। इसी बयान के बाद उन्हें पार्टी की बैठक में शामिल होने के लिए बुलाए जाने की चर्चा है। माना जा रहा है कि जेडीयू नेतृत्व चुनाव को लेकर अपनी रणनीति पर चर्चा कर रहा है और चाहता है कि पार्टी के नेता व विधायक तय उम्मीदवार के पक्ष में एकजुट होकर काम करें। ऐसे में अनंत सिंह का अनुज सिंह के समर्थन में बयान पार्टी के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है।
‘उधर से आवेंगे तब न कुछ बतावेंगे…’
जेडीयू कार्यालय पहुंचने के दौरान अनंत सिंह (Anant Singh) से जब मीडिया ने पूछा कि वह काफी समय बाद पार्टी दफ्तर आए हैं, तो उन्होंने सीधे तौर पर कोई राजनीतिक जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा, “उधर से आवेंगे तब न कुछ बतावेंगे…” इसके बाद वह बैठक में शामिल होने चले गए। बताया जा रहा है कि बैठक खत्म होने के बाद बाहर निकलते समय भी उन्होंने मीडिया से बातचीत नहीं की। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि पार्टी की बैठक में अनंत सिंह (Anant Singh) से क्या बातचीत हुई और क्या वह आगे नीरज कुमार के समर्थन में खड़े होंगे। फिलहाल इस पर उनकी ओर से कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।
नवंबर में खत्म होगा 8 MLC का कार्यकाल
बिहार विधान परिषद के आठ सदस्यों का कार्यकाल नवंबर में पूरा होने वाला है। इनमें पटना शिक्षक सीट से बीजेपी के प्रो. नवल किशोर यादव, पटना स्नातक से जेडीयू के नीरज कुमार, दरभंगा शिक्षक से कांग्रेस के डॉ. मदनमोहन झा समेत सारण शिक्षक, तिरहुत शिक्षक, दरभंगा स्नातक, कोसी स्नातक और तिरहुत स्नातक सीटें शामिल हैं। चुनाव आयोग की ओर से इन सीटों के लिए कार्यक्रम की घोषणा होना बाकी है। ऐसे में चुनाव से पहले अनंत सिंह (Anant Singh) का अनुज सिंह के समर्थन में खुलकर सामने आना और फिर पार्टी कार्यालय बुलाया जाना बिहार की सियासत में चर्चा का विषय बन गया है।
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