मेघालय के चर्चित पति हत्याकांड मामले में एक नया और सनसनीखेज मोड़ आ गया है। शादी के तुरंत बाद हनीमून के दौरान हुई इस वारदात की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत पर अब खतरा मंडराने लगा है। मेघालय सरकार द्वारा सोनम की जमानत के खिलाफ दाखिल की गई याचिका पर देश की सबसे बड़ी अदालत (सुप्रीम कोर्ट) में 21 जुलाई को तीखी बहस हुई। अदालत के सख्त रवैये और सामने आए नए तथ्यों ने इस पूरे मामले को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया है। अब हर किसी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाली 23 जुलाई को सोनम क्या कदम उठाती हैं।
सुप्रीम कोर्ट का दो टूक संदेश: या तो सरेंडर करो या फिर…
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सोनम रघुवंशी के सामने दो बेहद कड़े कानूनी विकल्प रखे हैं। अदालत ने साफ-साफ शब्दों में कह दिया है कि सोनम या तो खुद जाकर पुलिस के सामने सरेंडर कर दें और ट्रायल कोर्ट में गवाहों के बयान दर्ज होने तक इंतजार करें, जिसके बाद वे फिर से नियमित जमानत की अर्जी दे सकती हैं। या फिर, दूसरा रास्ता यह है कि वे सुप्रीम कोर्ट को ही मामले के तथ्यों के आधार पर फैसला सुनाने दें। अगर कोर्ट तथ्यों पर फैसला सुनाता है, तो सोनम की जमानत पूरी तरह रद्द होने का जोखिम बहुत बढ़ जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने सोनम को अपना रुख तय करने के लिए 23 जुलाई तक का समय दिया है।
एक छोटी सी टाइपिंग मिस्टेक या सोची-समझी साजिश?
दरअसल, निचली अदालत और मेघालय हाई कोर्ट ने सोनम को इस तकनीकी आधार पर जमानत दी थी कि गिरफ्तारी के समय उन्हें इसके लिखित कारण नहीं बताए गए थे। लेकिन मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पुरजोर दलील दी कि यह केवल दस्तावेज में हुई एक मामूली टाइपिंग की भूल थी, न कि कोई कानून का उल्लंघन। सरकार का कहना है कि पति की हत्या जैसा संगीन आरोप झेल रही महिला को महज एक कागजी गलती के कारण खुला नहीं छोड़ा जा सकता। राज्य सरकार को यह भी डर है कि अगर सोनम बाहर रहती हैं, तो वे कानूनी प्रक्रिया से बचने के लिए फरार भी हो सकती हैं।
खुद को बेगुनाह बता रहीं सोनम, अब 23 जुलाई पर टिकी हैं नजरें
दूसरी ओर, सोनम रघुवंशी ने अदालत में अपना पक्ष रखते हुए तमाम आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका दावा है कि वे पूरी तरह बेगुनाह हैं और उन्हें इस मामले में जानबूझकर फंसाया जा रहा है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के इस रुख के बाद सोनम की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। 23 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई इस पूरी जांच और कानूनी लड़ाई की दिशा तय करेगी। अब देखना यह होगा कि सोनम कानूनी जंग लड़ना चुनती हैं या फिर कोर्ट के सुझाव पर सरेंडर करके जेल का रास्ता अपनाती हैं।
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