समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। मैनपुरी में आयोजित पीडीए कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह मामला करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा हुआ है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग भगवान राम के नाम पर राजनीति करते हैं, उन्हें इस पूरे मामले पर जवाब देना चाहिए। इसी दौरान उन्होंने कहा कि “जो राम के नहीं हुए, वह जनता के क्या होंगे।” उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बहस तेज हो गई है।
सरकार और राम मंदिर निर्माण को लेकर भी उठाए सवाल
डिंपल यादव ने अपने संबोधन में राम मंदिर निर्माण से जुड़े मुद्दों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण के दौरान वित्तीय अनियमितताओं के आरोप पहले भी सामने आते रहे हैं और इनकी पूरी जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि चढ़ावे से जुड़े कथित मामले लंबे समय से चल रहे थे, इसलिए पूरे घटनाक्रम की पारदर्शी जांच जरूरी है। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ चुकी हैं। डिंपल यादव ने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था सर्वोपरि है और उससे जुड़े किसी भी मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
शिक्षा व्यवस्था पर भी सरकार को घेरा
राम मंदिर के मुद्दे के अलावा डिंपल यादव ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल बंद किए गए हैं, जिससे गरीब और ग्रामीण इलाकों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं और पेपर लीक के मामलों का भी जिक्र किया और कहा कि इन घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उनका कहना था कि युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को अधिक गंभीरता से काम करना चाहिए ताकि शिक्षा व्यवस्था मजबूत हो सके और युवाओं का भरोसा बना रहे।
विधानसभा चुनाव को लेकर भी किया बड़ा दावा
पीडीए कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान डिंपल यादव ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी और जनता का समर्थन उसे मिलेगा। उनके अनुसार, पार्टी संगठन लगातार लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुन रहा है और उन्हें भरोसा है कि आने वाले चुनाव में इसका फायदा मिलेगा। सम्मेलन में मौजूद कार्यकर्ताओं से उन्होंने संगठन को और मजबूत करने की अपील की। वहीं राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव से पहले इस तरह के बयान प्रदेश की सियासत को और गर्मा सकते हैं।
