भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में अब एक नया विवाद सामने आया है। इस बार सवाल एनकाउंटर से आगे बढ़कर उस मुलाकात पर उठ रहे हैं, जब भोजपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) पीड़ित परिवार से मिलने उनके गांव पहुंचे थे। मृतक के परिजनों का आरोप है कि एसपी के साथ एक ऐसा व्यक्ति भी मौजूद था, जिसका नाम पहले अवैध बालू खनन से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है। इस दावे के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। परिवार का कहना है कि अगर पुलिस न्याय का भरोसा देने आई थी, तो उसके साथ ऐसे व्यक्ति की मौजूदगी कई सवाल खड़े करती है।
परिजनों ने निष्पक्ष जांच पर जताई चिंता
मृतक भरत तिवारी के रिश्तेदार लव कुमार ने आरोप लगाया कि जिस व्यक्ति को एसपी के साथ देखा गया, वह सतेंद्र पांडेय है। उनके अनुसार, इस व्यक्ति को पहले बिहार एसटीएफ अवैध बालू खनन से जुड़े मामलों में गिरफ्तार कर चुकी है। परिवार का कहना है कि ऐसे व्यक्ति की मौजूदगी से उन्हें जांच की निष्पक्षता पर संदेह हो रहा है। उनका मानना है कि यदि पुलिस अधिकारियों के साथ विवादों में रहा कोई व्यक्ति दिखाई देता है, तो इससे पीड़ित परिवार का भरोसा कमजोर पड़ सकता है। इसी वजह से उन्होंने पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सतेंद्र पांडेय को लेकर क्या हैं दावे?
परिजनों का दावा है कि सतेंद्र पांडेय को पहले भी बिहार एसटीएफ ने कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किया था। उनका कहना है कि उस पर अवैध बालू खनन समेत कई मामलों में कार्रवाई हो चुकी है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि पहले वह लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा था। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर, यह मामला सामने आने के बाद लोगों के बीच भी कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। परिजन चाहते हैं कि यह स्पष्ट किया जाए कि यदि वह व्यक्ति मौके पर मौजूद था तो उसकी भूमिका क्या थी और वह पुलिस टीम के साथ कैसे पहुंचा।
एसपी ने आरोपों को किया खारिज
इन आरोपों पर भोजपुर के एसपी ने अपनी सफाई भी दी है। उनका कहना है कि परिजनों के घर पहले से ही काफी लोग मौजूद थे और पुलिस के साथ किसी विवादित व्यक्ति के जाने का दावा सही नहीं है। एसपी ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद सभी तथ्य सामने आ जाएंगे। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर विश्वास न करने और आधिकारिक जानकारी का इंतजार करने की अपील भी की। फिलहाल इस मामले को लेकर कोई आधिकारिक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है। ऐसे में आगे की कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष पर सभी की नजर बनी हुई है।
