यूपी की सियासत में साल 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर अभी से शह और मात का खेल शुरू हो चुका है। इसी कड़ी में सिराथू विधानसभा सीट से विधायक और कद्दावर नेता डॉ. पल्लवी पटेल ने एक ऐसा सियासी धमाका किया है, जिसने सत्ता के गलियारों में हलचल तेज कर दी है। फतेहपुर जिले के हुसैनगंज विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मोहम्मदपुर गौती में एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान पल्लवी पटेल ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनावों में बीजेपी को उत्तर प्रदेश के भीतर ऐसी करारी शिकस्त मिलने वाली है, जिसकी कल्पना भी पार्टी ने नहीं की होगी। पल्लवी पटेल के मुताबिक, साल 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को जो झटका लगा था, 2027 के नतीजे उससे भी कहीं ज्यादा बुरे और नुकसानदेह साबित होने वाले हैं।
क्या है ‘SIR’ का चक्रव्यूह, जो बीजेपी पर ही पड़ गया उल्टा?
पल्लवी पटेल ने अपने संबोधन में एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने उत्तर प्रदेश की सत्ता पर दोबारा काबिज होने के लिए ‘SIR’ नामक एक विशेष रणनीति या व्यवस्था का सहारा लिया था। विधायक का सीधा इशारा था कि इस व्यवस्था के माध्यम से चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं को भी प्रभावित करने की कोशिश की गई ताकि चुनावी नतीजों को अपने पक्ष में मोड़ा जा सके। हालांकि, पल्लवी पटेल ने पुरजोर तरीके से कहा कि बीजेपी का यह दांव अब पूरी तरह उल्टा पड़ चुका है। उनके अनुसार, इस गुप्त रणनीति से विपक्ष को जितना नुकसान होना था, उससे कहीं ज्यादा नुकसान खुद बीजेपी को उठाना पड़ रहा है क्योंकि जमीन पर वोटरों की संख्या में भारी कमी आई है और जनता अब इस खेल को समझ चुकी है।
गठबंधन के सस्पेंस और ‘दिल्ली के रास्ते’ पर बड़ा दावा
इस बैठक में जब मीडिया और कार्यकर्ताओं ने पल्लवी पटेल से सबसे बड़ा सवाल पूछा कि क्या आगामी 2027 के चुनाव में उनका दल ‘अपना दल (कमेरावादी)’ समाजवादी पार्टी या किसी अन्य गठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगा या अकेले मैदान में उतरेगा? इस पर उन्होंने सस्पेंस बरकरार रखते हुए बेहद सधा हुआ जवाब दिया। पल्लवी पटेल ने कहा कि गठबंधन को लेकर कोई भी अंतिम फैसला पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व ही तय करेगा, वह फिलहाल एक सच्चे कार्यकर्ता की तरह जमीन पर जनता के बीच काम कर रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी की चुनावी नीतियों पर तंज कसते हुए कहा कि देश के अन्य राज्यों में भले ही बीजेपी की चुनावी मशीनरी काम कर जाती हो, लेकिन यूपी की जनता जाग चुकी है। चूंकि दिल्ली की सत्ता का रास्ता यूपी से होकर ही गुजरता है, इसलिए 2027 में यहाँ एक ऐसा ऐतिहासिक बदलाव आएगा जो बीजेपी के सारे ढोल-नगाड़ों की आवाज को शांत कर देगा।
अखिलेश यादव की बेटी पर टिप्पणी करने वालों को पल्लवी की खुली चेतावनी
राजनीतिक बयानों के बीच पल्लवी पटेल का एक बेहद संवेदनशील और आक्रामक रूप भी देखने को मिला। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की बेटी के खिलाफ सोशल मीडिया या सार्वजनिक मंचों पर की गई अभद्र टिप्पणियों पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जाहिर की। पल्लवी पटेल ने बिना लाग-लपेट के कहा कि ऐसे घिनौने कृत्य करने वाले लोग बेहद ओछी और संकीर्ण मानसिकता के शिकार हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि उत्तर प्रदेश और भारत की संस्कृति में जहाँ बेटियों को देवी मानकर पूजा जाता है, वहाँ किसी भी बेटी के सम्मान से खिलवाड़ या ऐसी अमर्यादित टिप्पणियां कतई बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। राजनीति अपनी जगह है, लेकिन महिलाओं और बेटियों का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए।
स्थानीय मुद्दों पर भी मंथन
आपको बता दें कि यह पूरी चर्चा युवा सपा नेता अब्दुल राफे के आवास पर आयोजित एक बैठक के दौरान हुई। इस बैठक में पल्लवी पटेल ने न सिर्फ बड़े सियासी मुद्दों पर बात की, बल्कि संगठन को मजबूत करने और स्थानीय जनसमस्याओं पर भी मंथन किया। इस दौरान कौशांबी के सिराथू और फतेहपुर के हुसैनगंज को जोड़ने वाले बेहद महत्वपूर्ण ‘गौती पुल से टांडा मार्ग’ के निर्माण कार्य का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया, जिसे जल्द से जल्द पूरा कराने का आश्वासन दिया गया।
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