उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में गुरुवार शाम एक बड़ी घटना सामने आई, जब लखनऊ से नई दिल्ली जा रही स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव किया गया। ट्रेन जैसे ही शहर के बीच वाले इलाके से गुजर रही थी, तभी अचानक किसी अज्ञात व्यक्ति ने पत्थर फेंक दिया। यह पत्थर सीधे एग्जीक्यूटिव क्लास (E-1) कोच की खिड़की पर लगा, जिससे शीशा चटक गया। घटना के बाद ट्रेन में सवार यात्रियों में कुछ देर के लिए दहशत फैल गई, हालांकि किसी को चोट नहीं आई।
टूंडला स्टेशन पर की गई जांच और घेराबंदी
पथराव की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। ट्रेन को आगे बढ़ने के बाद टूंडला रेलवे जंक्शन पर रोका गया, जहां GRP और RPF के वरिष्ठ अधिकारी पहले से मौजूद थे। पूरे कोच की जांच की गई और यात्रियों से पूछताछ भी की गई। रेलवे अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि किसी यात्री को कोई नुकसान नहीं हुआ है और ट्रेन को आगे की यात्रा के लिए सुरक्षित घोषित किया गया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया।
ट्रेन में मौजूद थे RSS प्रमुख
सूत्रों के अनुसार, जिस शताब्दी एक्सप्रेस पर यह घटना हुई, उसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत भी यात्रा कर रहे थे। हालांकि, वे पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी भी तरह की कोई अप्रिय स्थिति नहीं बनी। जैसे ही यह जानकारी सामने आई, सुरक्षा एजेंसियों में और सतर्कता बढ़ा दी गई। प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान भी शुरू कर दिया है।
कहां से हुआ पथराव, जांच में जुटी टीमें
यह घटना फिरोजाबाद के थाना दक्षिण और रसूलपुर क्षेत्र के बीच पैमेश्वर गेट के पास हुई बताई जा रही है। शुरुआती जांच में पता चला है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने चलते हुए ट्रेन पर पत्थर फेंका था। फिलहाल पुलिस और GRP की टीमें आरोपी की पहचान करने में जुटी हैं। आसपास लगे CCTV कैमरों की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पत्थर किसने और किस उद्देश्य से फेंका। रेलवे प्रशासन ने कहा है कि इस तरह की घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
