उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में हुए गौतम मौर्य हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस का कहना है कि इस मामले में मोबाइल फोन से मिले डिजिटल सबूत जांच का सबसे अहम आधार बने हैं। फोरेंसिक जांच के दौरान मुख्य आरोपी समीर इदरीसी के मोबाइल से मिली कॉल डिटेल, चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की पड़ताल की गई। शुरुआती जांच में सामने आया कि घटना वाले दिन समीर की एक युवती से कई बार बातचीत हुई थी। पुलिस के अनुसार, यही युवती पहले मृतक गौतम मौर्य के संपर्क में थी। इन जानकारियों के बाद जांच का दायरा और बढ़ा, जिसके आधार पर पुलिस ने अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल शुरू की। अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम को तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जोड़ा जा रहा है ताकि किसी भी पहलू को नजरअंदाज न किया जाए।
पुराने विवाद और सोशल मीडिया की गतिविधियां भी जांच के दायरे में
पुलिस जांच के मुताबिक, गौतम मौर्य और समीर इदरीसी के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि दोनों के बीच व्यक्तिगत विवाद समय के साथ बढ़ता गया। जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली कि सोशल मीडिया पर दोनों के बीच अप्रत्यक्ष रूप से पोस्ट और स्टोरी के माध्यम से एक-दूसरे पर निशाना साधा जा रहा था। पुलिस अब यह भी जांच रही है कि क्या ऑनलाइन विवाद ने दोनों के बीच दुश्मनी को और बढ़ाया। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया गतिविधियों, मोबाइल चैट और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
युवती के भाई की भूमिका पर भी पुलिस की नजर
जांच के दौरान पुलिस को ऐसे तकनीकी साक्ष्य मिले, जिनके आधार पर युवती के भाई की भूमिका भी संदेह के घेरे में आई। पुलिस का कहना है कि मोबाइल रिकॉर्ड और पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर उसे भी मामले में आरोपी बनाया गया है। इसके बाद उसे अदालत में पेश कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, मामले में पहले ही मुख्य आरोपी समीर इदरीसी सहित उसके परिवार के कुछ अन्य लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि वारदात की योजना कब और कैसे बनाई गई तथा इसमें किस-किस व्यक्ति की क्या भूमिका रही। सभी आरोपों की पुष्टि अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और आगे की जांच पर निर्भर करेगी।
हर डिजिटल कड़ी जोड़ रही पुलिस, जांच अभी जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गौतम मौर्य हत्याकांड की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल चैट, लोकेशन डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है। यदि जांच के दौरान किसी और व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि इस मामले में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की सावधानी से जांच की जा रही है। फिलहाल जांच टीम हर तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्य को जोड़कर हत्या के पीछे की पूरी साजिश का पता लगाने में जुटी हुई है। अधिकारियों का दावा है कि निष्पक्ष जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
