गोरखपुर में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास और रोजगार से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की शुरुआत की। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) क्षेत्र में करीब 208 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई 71 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। इनमें फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए बनाए गए ईडब्ल्यूएस-एलआईजी आवासीय परिसर प्रमुख रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को औद्योगिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सरकार लगातार निवेश, आधारभूत ढांचे और रोजगार सृजन पर काम कर रही है। उन्होंने फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स को एक मॉडल परियोजना बताते हुए कहा कि इससे छोटे और मध्यम उद्योगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। कार्यक्रम के दौरान कई उद्यमियों और लाभार्थियों को औद्योगिक भूखंड तथा आवास आवंटन पत्र भी सौंपे गए, जिससे विकास योजनाओं का सीधा लाभ लोगों तक पहुंच सके।
कानून-व्यवस्था पर सीएम का कड़ा संदेश
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी स्पष्ट और सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और इस नीति में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग गरीबों के अधिकारों का हनन करने, महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने या समाज में भय का माहौल बनाने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अपराधी चाहे कहीं भी छिपने की कोशिश करें, कानून उन्हें ढूंढ निकालेगा। मुख्यमंत्री का यह बयान कार्यक्रम का सबसे चर्चित हिस्सा रहा, जिसने कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार के रुख को एक बार फिर स्पष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षित वातावरण ही विकास की सबसे बड़ी शर्त है और प्रदेश में निवेश बढ़ने के पीछे बेहतर कानून-व्यवस्था की भी बड़ी भूमिका है।
रोजगार, उद्योग और युवाओं के भविष्य पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए उद्योगों और रोजगार के अवसरों का विस्तार जरूरी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों का विकास किया जा रहा है और गोरखपुर भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। फ्लैटेड फैक्ट्री जैसी परियोजनाएं उद्यमियों को कम लागत में बेहतर औद्योगिक सुविधाएं उपलब्ध कराएंगी। इसके साथ ही कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को रोजगार के लिए तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना भी है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने हल्के अंदाज में सांसद और अभिनेता रवि किशन का जिक्र करते हुए माहौल को भी सहज बनाया। उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी भी क्षेत्र की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में गोरखपुर पूर्वांचल के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में शामिल होगा।
किसानों, सिंचाई परियोजनाओं और आत्मनिर्भर प्रदेश की दिशा में कदम
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों और सरकार की योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले किसानों को कर्ज, सिंचाई और फसल के उचित मूल्य जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था, लेकिन सरकार ने इन चुनौतियों को कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं। कर्जमाफी, न्यूनतम समर्थन मूल्य और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से किसानों को राहत मिली है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बाण सागर, सरयू नहर और बुंदेलखंड क्षेत्र की लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा कर लाखों हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा से जोड़ा गया है। इससे कृषि उत्पादन में वृद्धि हुई है और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के लक्ष्य को लेकर तेजी से आगे बढ़ रही है, जहां उद्योग, कृषि, रोजगार और आधारभूत ढांचे का विकास एक साथ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों के विकास के लिए काम कर रही है और सुरक्षा व विकास दोनों को समान प्राथमिकता दी जा रही है। उनके अनुसार यही संतुलन प्रदेश को नई आर्थिक ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आधार बनेगा।
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