उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर Awadhesh Prasad चर्चा का विषय बन गए हैं। इस बार वजह कोई बड़ा राजनीतिक बयान या चुनावी मुद्दा नहीं, बल्कि एक छोटी सड़क का उद्घाटन है। फैजाबाद से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने अपने क्षेत्र में करीब 90 मीटर लंबी इंटरलॉकिंग सड़क का उद्घाटन किया, लेकिन जिस अंदाज में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया, उसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। सड़क के उद्घाटन के लिए बाकायदा शिलापट्ट लगाया गया, समर्थकों की भीड़ जुटी, नारेबाजी हुई और सांसद का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे, जिसके बाद कई लोग इस आयोजन को लेकर सवाल उठाने लगे। कुछ लोगों का कहना है कि छोटे काम को भी बड़े राजनीतिक आयोजन की तरह पेश किया गया, जबकि समर्थकों का मानना है कि जनता के लिए हर विकास कार्य महत्वपूर्ण होता है।
अयोध्या में जीत के बाद लगातार चर्चा में हैं अवधेश प्रसाद
Awadhesh Prasad ने लोकसभा चुनाव 2024 में फैजाबाद सीट से जीत हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी थीं। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद भारतीय जनता पार्टी को हराना राजनीतिक रूप से बड़ी घटना मानी गई थी। उनकी जीत को विपक्ष के लिए बड़ा संदेश माना गया और तब से वह लगातार राजनीतिक चर्चाओं में बने हुए हैं। अब एक बार फिर उनका नाम चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह विकास कार्य का उद्घाटन है। जानकारी के मुताबिक, यह सड़क उनके पुराने विधानसभा क्षेत्र मिल्कीपुर के हरदोइया अटका गांव में बनाई गई थी। गांव के पुराने समाजवादी पार्टी नेता पृथ्वीराज यादव के घर के पास बनी इस सड़क का निर्माण लगभग एक साल पहले पूरा हो चुका था। हालांकि उद्घाटन लंबे समय तक नहीं हो पाया था। हाल ही में सांसद के पहुंचने पर सड़क का औपचारिक उद्घाटन किया गया। लेकिन जिस तरह समारोह आयोजित हुआ, उसने सोशल मीडिया पर बहस शुरू कर दी।
सोशल मीडिया पर लोगों ने लिए मजे
सड़क उद्घाटन के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इस पूरे कार्यक्रम को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि अगर सड़क कुछ किलोमीटर लंबी होती तो शायद हेलीकॉप्टर से फूल बरसाए जाते। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि विकास कार्य चाहे छोटा हो या बड़ा, उसका उद्घाटन करना गलत नहीं है। हालांकि आलोचना करने वालों का कहना है कि इतने छोटे काम के लिए जरूरत से ज्यादा प्रचार किया गया। स्थानीय लोगों के बीच भी इस कार्यक्रम को लेकर चर्चा बनी हुई है। गांव के कुछ लोगों का कहना है कि सड़क बने काफी समय हो गया था और अब जाकर उद्घाटन किया गया। इस दौरान सड़क के आसपास घास-फूस भी उग आई थी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समर्थक पहुंचे थे और सांसद के स्वागत के लिए बैंड-बाजे जैसी व्यवस्था भी की गई थी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और तस्वीरों के बाद यह मुद्दा तेजी से चर्चा में आ गया।
छोटे विकास कार्यों पर राजनीति का नया ट्रेंड?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अब छोटे विकास कार्यों को भी जनता तक पहुंचाने और राजनीतिक संदेश देने के लिए बड़े कार्यक्रमों का सहारा लिया जा रहा है। नेताओं के लिए हर उद्घाटन जनता से जुड़ने और अपनी मौजूदगी दिखाने का अवसर बनता जा रहा है। ऐसे आयोजनों के जरिए स्थानीय स्तर पर राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश भी देखी जाती है। हालांकि विपक्ष और सोशल मीडिया यूजर्स अक्सर ऐसे कार्यक्रमों को लेकर नेताओं पर तंज कसते हैं। फैजाबाद में हुए इस सड़क उद्घाटन ने भी यही बहस छेड़ दी है कि क्या छोटे कार्यों को इतना बड़ा रूप देना जरूरी है या नहीं। फिलहाल इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन इतना जरूर है कि 90 मीटर की इस सड़क ने सोशल मीडिया और स्थानीय राजनीति दोनों में चर्चा का लंबा रास्ता तय कर लिया है।
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