उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बेटे और जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर बड़ा बयान दे दिया। मिर्जापुर के विंध्याचल धाम पहुंचे तेज प्रताप यादव ने मीडिया से बातचीत के दौरान दावा किया कि यूपी में एक बार फिर बीजेपी की सरकार बनने जा रही है और योगी आदित्यनाथ तीसरी बार मुख्यमंत्री बन सकते हैं। खास बात यह रही कि उन्होंने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को लेकर भी साफ शब्दों में कहा कि वह उनका समर्थन नहीं करते हैं। तेज प्रताप के इस बयान के बाद यूपी की सियासत में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
‘योगी की सरकार फिर बनेगी’, तेज प्रताप ने बताए राजनीतिक संकेत
मीडिया से बातचीत के दौरान तेज प्रताप यादव ने कहा कि वर्तमान राजनीतिक माहौल को देखकर ऐसा लगता है कि बीजेपी अभी भी उत्तर प्रदेश में मजबूत स्थिति में है। उन्होंने कहा कि जनता का एक बड़ा वर्ग अभी भी योगी सरकार के साथ दिखाई देता है और इसी वजह से बीजेपी लगातार तीसरी बार सत्ता में लौट सकती है। तेज प्रताप का यह बयान इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि वह खुद विपक्षी राजनीति से जुड़े नेता हैं। ऐसे में उनका योगी सरकार की वापसी का दावा करना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। राजनीतिक जानकार इसे 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बदलते समीकरणों के संकेत के रूप में भी देख रहे हैं।
बीजेपी से गठबंधन पर दिया रहस्यमयी जवाब
जब मीडिया ने तेज प्रताप यादव से बीजेपी के साथ संभावित गठबंधन को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने सीधे इंकार नहीं किया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “अगर मां की कृपा रही तो गठबंधन जरूर होगा।” उनके इस बयान ने राजनीतिक अटकलों को और तेज कर दिया। हालांकि उन्होंने किसी पार्टी का नाम स्पष्ट तौर पर नहीं लिया, लेकिन उनके जवाब को बीजेपी के साथ संभावित नजदीकियों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी उनका यह बयान तेजी से वायरल हो रहा है और लोग अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोग इसे राजनीतिक रणनीति बता रहे हैं तो कुछ इसे विपक्षी एकता पर बड़ा सवाल मान रहे हैं।
अखिलेश और नीतीश पर भी बोले तेज प्रताप
तेज प्रताप यादव ने इस दौरान समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने साफ कहा कि वह अखिलेश यादव का समर्थन नहीं करते हैं। हालांकि उन्होंने इसके पीछे कोई बड़ी वजह नहीं बताई, लेकिन उनके इस बयान ने विपक्षी दलों के रिश्तों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं बिहार की राजनीति को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी टिप्पणी की। तेज प्रताप ने कहा कि नीतीश कुमार का दिल्ली दौरा पहले से तय था, लेकिन वह आखिर किससे मिलने गए और किस राजनीतिक वजह से गए, यह अभी भी रहस्य बना हुआ है। उनके इस बयान ने बिहार की राजनीति में भी नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। आने वाले दिनों में इन बयानों का असर यूपी और बिहार दोनों राज्यों की राजनीति में देखने को मिल सकता है।
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