भारतीय टी20 टीम के नए कप्तान श्रेयस अय्यर के लिए कप्तानी की शुरुआत उम्मीदों के मुताबिक नहीं रही है। जब चयनकर्ताओं ने टीम की कमान उनके हाथों में सौंपी थी, तब फैंस को एक नए दौर की शुरुआत की उम्मीद थी। लेकिन शुरुआती मुकाबलों के नतीजों ने सभी को हैरान कर दिया। टीम इंडिया लगातार पांच टी20 मैच हार चुकी है और यह सभी मुकाबले अय्यर की कप्तानी में खेले गए। आयरलैंड के खिलाफ सीरीज में मिली हार के बाद इंग्लैंड दौरे पर भी टीम को सफलता नहीं मिली। एक मुकाबला बारिश के कारण नहीं हो सका, जबकि बाकी मैचों में भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा। लगातार हार के इस सिलसिले ने अय्यर की कप्तानी को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
भारतीय क्रिकेट में बना अनचाहा रिकॉर्ड
लगातार पांच टी20 मुकाबले हारने के साथ ही श्रेयस अय्यर एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम कर बैठे हैं, जिसे कोई भी कप्तान अपने करियर में नहीं देखना चाहेगा। वह भारतीय टी20 टीम के इतिहास में ऐसे पहले कप्तान बन गए हैं, जिनकी कप्तानी में टीम ने शुरुआती छह मैचों में ही पांच हार झेली हैं। इससे पहले किसी भारतीय कप्तान के साथ ऐसा नहीं हुआ था। भारतीय क्रिकेट इतिहास में कई बड़े कप्तान रहे हैं, जिन्होंने कठिन दौर का सामना किया, लेकिन लगातार पांच हार का यह आंकड़ा इतनी तेजी से किसी के नाम नहीं जुड़ा। यही वजह है कि क्रिकेट जगत में इस रिकॉर्ड की काफी चर्चा हो रही है।
विराट, धोनी और रोहित जैसे दिग्गज भी पीछे
दिलचस्प बात यह है कि इस सूची में भारतीय क्रिकेट के कई बड़े नाम शामिल हैं। पूर्व कप्तान विराट कोहली को अपनी कप्तानी के दौरान पांच टी20 मैच हारने तक पहुंचने में 12 मुकाबले लगे थे। महेंद्र सिंह धोनी के मामले में यह आंकड़ा 15 मैचों का रहा। हार्दिक पंड्या को पांच हार तक पहुंचने में 16 मैच लगे, जबकि रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में यह स्थिति 31 मैचों के बाद आई। इसके मुकाबले श्रेयस अय्यर की कप्तानी में केवल छह मैचों के भीतर ही पांच हार दर्ज हो गईं। आंकड़े बताते हैं कि यह रिकॉर्ड भारतीय टी20 कप्तानों के इतिहास में सबसे तेज पांच हार का रिकॉर्ड बन गया है। यही कारण है कि अय्यर ने इस सूची में सभी पूर्व कप्तानों को पीछे छोड़ दिया है।
क्या वापसी कर पाएंगे श्रेयस अय्यर?
हालांकि क्रिकेट में रिकॉर्ड हमेशा स्थायी नहीं होते और एक अच्छी सीरीज पूरी तस्वीर बदल सकती है। श्रेयस अय्यर अभी अपने कप्तानी करियर की शुरुआती अवस्था में हैं और उनके पास खुद को साबित करने के कई अवसर होंगे। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि युवा खिलाड़ियों से भरी टीम को तैयार करने और लगातार जीत दिलाने में समय लगता है। ऐसे में केवल शुरुआती नतीजों के आधार पर किसी कप्तान का मूल्यांकन करना जल्दबाजी हो सकती है। फिर भी लगातार पांच हार ने टीम प्रबंधन और फैंस की चिंता जरूर बढ़ा दी है। अब सबकी नजर आने वाले मुकाबलों पर होगी, जहां अय्यर और उनकी टीम इस खराब दौर को पीछे छोड़कर जीत की राह पर लौटने की कोशिश करेंगे। यदि ऐसा होता है तो यह वही कप्तान होगा, जो आज आलोचनाओं का सामना कर रहा है और कल नई सफलता की कहानी लिख सकता है।
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