देश में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। पिछले 10 दिनों के भीतर तीसरी बार ईंधन के दाम बढ़ाए जाने के बाद अब राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार जनता को राहत देने के बजाय तेल कंपनियों के मुनाफे को प्राथमिकता दे रही है। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से लोग पहले ही परेशान हैं और अब ईंधन की कीमतों में बार-बार इजाफा आम परिवारों की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर डाल रहा है। कांग्रेस ने दावा किया कि पिछले कुछ दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब पांच रुपये तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। विपक्ष का कहना है कि ईंधन महंगा होने से सिर्फ वाहन चलाना ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतें भी बढ़ने लगती हैं।
कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दुनिया के कई देश अपने नागरिकों को राहत देने के लिए कदम उठा रहे हैं, लेकिन भारत में लगातार कीमतें बढ़ाई जा रही हैं। पार्टी नेताओं का आरोप है कि सरकार का पूरा ध्यान तेल कंपनियों के फायदे पर है, जबकि आम जनता महंगाई से जूझ रही है। कांग्रेस ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरते हुए कहा कि सरकार को कम से कम एक बार आम लोगों की परेशानियों के बारे में भी सोचना चाहिए। पार्टी का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने से ट्रांसपोर्टेशन महंगा होता है, जिसका असर सीधे खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा के सामानों पर पड़ता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में महंगाई का मुद्दा फिर से राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ सकता है। विपक्ष लगातार इसे जनता से जुड़ा बड़ा मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है।
अब महंगाई मैन मोदी ने CNG के दाम भी बढ़ा दिए। CNG पिछले 9 दिन में 4 रुपए महंगी हुई है।
नरेंद्र मोदी जनता को खुलकर लूट रहे हैं। क्योंकि उन्हें अपने अमीर दोस्तों की तिजोरी भरनी है।
— Congress (@INCIndia) May 23, 2026
दिल्ली से कोलकाता तक बढ़े रेट
शनिवार को हुई नई बढ़ोतरी के बाद देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें फिर ऊपर पहुंच गई हैं। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 99.51 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल 92.49 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। मुंबई में पेट्रोल 108 रुपये के पार पहुंच चुका है और डीजल के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं। कोलकाता में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई, जहां पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में लगभग एक रुपये तक का इजाफा हुआ। चेन्नई में भी पेट्रोल और डीजल महंगे हुए हैं। इसके अलावा कई अन्य शहरों में भी नई दरें लागू कर दी गई हैं। इससे पहले भी बीते दिनों में लगातार दो बार कीमतें बढ़ाई जा चुकी थीं। विशेषज्ञों का कहना है कि बार-बार कीमतें बढ़ने से ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर पर अतिरिक्त दबाव बढ़ेगा, जिसका असर आने वाले समय में बाजार पर साफ दिखाई दे सकता है।
वैश्विक संकट बना वजह, लेकिन जनता को राहत का इंतजार
ईंधन की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी के पीछे वैश्विक ऊर्जा संकट को बड़ी वजह माना जा रहा है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और समुद्री व्यापार मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पैदा हुई रुकावटों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है। इसी वजह से कई देशों में ईंधन बाजार प्रभावित हुआ है। हालांकि भारत में विपक्ष का कहना है कि सरकार टैक्स में राहत देकर आम लोगों को कुछ राहत पहुंचा सकती है। आम लोगों का भी कहना है कि लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब घरेलू बजट पर साफ दिखने लगा है। रोजाना काम पर जाने वाले लोगों, ट्रांसपोर्ट कारोबारियों और मध्यम वर्गीय परिवारों की चिंता लगातार बढ़ रही है। फिलहाल सरकार की ओर से कीमतों में राहत को लेकर कोई बड़ा संकेत नहीं मिला है, इसलिए लोगों की नजर आने वाले दिनों पर टिकी हुई है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिति सामान्य नहीं हुई तो ईंधन की कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकता है।
Read More-भाषण शुरू करते ही मंच पर चला पत्थर! गया में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पर हमले से मचा हड़कंप
