Bengaluru News: बेंगलुरु से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने खेल जगत को झकझोर कर रख दिया है। कांतीरवा स्टेडियम स्थित एक बॉक्सिंग क्लब के कोच पर 17 साल की खिलाड़ी के साथ कथित यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़िता की मां की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी कोच के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। बताया जा रहा है कि लड़की पिछले करीब दस वर्षों से उसी क्लब में बॉक्सिंग की ट्रेनिंग ले रही थी और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रही थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कोच ने अपने पद और भरोसे का गलत इस्तेमाल करते हुए नाबालिग खिलाड़ी के साथ कई बार अनुचित व्यवहार किया। मामला सामने आने के बाद खेल संस्थानों में खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पीओसीएसओ एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।
मां ने लगाए गंभीर आरोप
पीड़िता की मां ने अपनी शिकायत में कहा है कि आरोपी कोच पिछले कई वर्षों से उनकी बेटी को मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान कर रहा था। आरोप है कि शुरुआत में कोच ने दोस्ताना व्यवहार के नाम पर लड़की के करीब आने की कोशिश की और धीरे-धीरे उसका रवैया बदलता गया। शिकायत के मुताबिक पिछले पांच से छह महीनों में कथित उत्पीड़न की घटनाएं और बढ़ गई थीं। एफआईआर में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपी कई बार ट्रेनिंग के दौरान लड़की को अलग बुलाकर गलत तरीके से छूता था। परिवार का कहना है कि लड़की लंबे समय तक डर और दबाव में रही, इसलिए वह खुलकर किसी को कुछ बता नहीं पाई। जब कथित हरकतें लगातार बढ़ने लगीं, तब उसने अपनी मां को पूरी बात बताई। इसके बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। इस घटना के सामने आने के बाद अभिभावकों में भी चिंता बढ़ गई है कि खेल प्रशिक्षण केंद्रों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त निगरानी कितनी जरूरी है।
चेन्नई प्रतियोगिता के दौरान बंद कमरे में बुलाने का आरोप
शिकायत के अनुसार हाल ही में चेन्नई में आयोजित एक बॉक्सिंग प्रतियोगिता के दौरान आरोपी कोच ने नाबालिग खिलाड़ी को अपने कमरे में बुलाया। आरोप है कि वहां उसने लड़की के साथ जबरदस्ती अनुचित व्यवहार किया। एफआईआर के मुताबिक कोच ने कथित तौर पर लड़की को गलत तरीके से छुआ, जबरन चूमने की कोशिश की और उसे धमकी भी दी। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने लड़की को डराया कि अगर उसने यह बात किसी को बताई तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। परिवार का आरोप है कि इसी डर की वजह से लड़की लंबे समय तक चुप रही। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में सभी आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच टीम प्रतियोगिता से जुड़े लोगों, क्लब स्टाफ और अन्य खिलाड़ियों से भी पूछताछ कर सकती है। वहीं इस मामले के सामने आने के बाद खेल संगठनों पर भी दबाव बढ़ गया है कि वे खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए मजबूत व्यवस्था तैयार करें।
POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज, जांच में जुटी पुलिस
बेंगलुरु पुलिस ने आरोपी बॉक्सिंग कोच रामचंद्र के खिलाफ पीओसीएसओ एक्ट की धाराओं समेत भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों के मुताबिक मामले में कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इस मामले को पहले एक आंतरिक समिति के सामने उठाया गया था, लेकिन उसके बाद भी कथित तौर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या पहले भी आरोपी के खिलाफ किसी तरह की शिकायत सामने आई थी। इस घटना ने खेल जगत में कोच और खिलाड़ियों के रिश्ते को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि नाबालिग खिलाड़ियों के साथ काम करने वाले प्रशिक्षकों की नियमित निगरानी और सख्त सत्यापन जरूरी है। साथ ही खिलाड़ियों को यह भरोसा भी दिया जाना चाहिए कि अगर उनके साथ कुछ गलत होता है तो वे बिना डर अपनी बात सामने रख सकें। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी में जुटी है।
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