पिछले कुछ घंटों से सोशल मीडिया और कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा था कि केंद्र सरकार विदेश यात्रा करने वालों पर नया टैक्स या सेस लगाने की तैयारी कर रही है। इन खबरों के सामने आने के बाद लोगों के बीच भ्रम और चिंता का माहौल बन गया। खासकर उन लोगों में चर्चा तेज हो गई जो काम, पढ़ाई या घूमने के लिए अक्सर विदेश यात्रा करते हैं। रिपोर्ट्स में कहा गया था कि सरकार अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर अतिरिक्त शुल्क लगाने पर विचार कर रही है ताकि वैश्विक आर्थिक दबाव और बढ़ती तेल कीमतों से निपटा जा सके। हालांकि इन खबरों पर शुक्रवार रात खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सामने आकर बड़ा बयान दिया और पूरे मामले की सच्चाई साफ कर दी। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए इन दावों को पूरी तरह झूठा और भ्रामक बताया।
PM मोदी बोले- ऐसी कोई योजना नहीं
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि सरकार विदेश यात्राओं पर किसी भी तरह का नया टैक्स लगाने की योजना नहीं बना रही है। उन्होंने वायरल हो रहे स्क्रीनशॉट और रिपोर्ट्स का फैक्ट चेक साझा करते हुए लिखा कि ऐसी खबरों का कोई आधार नहीं है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार हमेशा लोगों के जीवन को आसान बनाने की दिशा में काम करती है, न कि उन पर अतिरिक्त बोझ डालने के लिए। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि सरकार का फोकस “ईज ऑफ लिविंग” और “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” को बेहतर बनाने पर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विदेश यात्रा पर किसी प्रकार का प्रतिबंध या अतिरिक्त टैक्स लगाने का सवाल ही नहीं उठता। दिलचस्प बात यह रही कि प्रधानमंत्री ने यह बयान उस समय दिया जब वह खुद विदेश दौरे पर थे। उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही अटकलों पर विराम लग गया।
This is totally false.
Not an iota of truth in this.
There is no question of putting such restrictions on foreign travel.
We remain committed to improving ‘Ease of Doing Business’ and ‘Ease of Living’ for our people. https://t.co/9lxjbxz0nV
— Narendra Modi (@narendramodi) May 15, 2026
रिपोर्ट्स में क्या किया गया था दावा?
वायरल रिपोर्ट्स में कहा गया था कि केंद्र सरकार की उच्चस्तरीय बैठकों में विदेश यात्रा पर अस्थायी टैक्स लगाने का प्रस्ताव चर्चा में है। दावा किया गया कि यह टैक्स सीधे केंद्र सरकार के पास जाएगा और इसका इस्तेमाल युद्ध जैसे वैश्विक हालात से पैदा हुए आर्थिक दबाव को संभालने में किया जा सकता है। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया था कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और आयात खर्च में इजाफे के कारण सरकार अतिरिक्त राजस्व जुटाने के विकल्प तलाश रही है। कुछ खबरों में तो यह तक कहा गया कि प्रस्तावित टैक्स करीब एक साल के लिए लागू किया जा सकता है। हालांकि वित्त मंत्रालय की तरफ से इन खबरों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई थी, जिससे अटकलें और बढ़ गईं। लेकिन प्रधानमंत्री के सीधे हस्तक्षेप के बाद अब साफ हो गया है कि ऐसी कोई योजना सरकार के एजेंडे में नहीं है।
PM के बयान के बाद मीडिया संस्थान ने मांगी माफी
प्रधानमंत्री मोदी के बयान के बाद इस मुद्दे पर बड़ा मोड़ तब आया जब संबंधित मीडिया संस्थान ने अपनी रिपोर्ट को लेकर माफी मांग ली। संस्थान ने स्वीकार किया कि खबर में दी गई जानकारी पूरी तरह सही नहीं थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों ने फर्जी और अपुष्ट खबरों को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए। कई यूजर्स ने कहा कि बिना आधिकारिक पुष्टि के इस तरह की खबरें लोगों में भ्रम पैदा करती हैं। वहीं राजनीतिक और आर्थिक मामलों के जानकारों का कहना है कि वर्तमान समय में जब महंगाई और वैश्विक तनाव जैसे मुद्दे पहले से चर्चा में हैं, तब ऐसी अफवाहें तेजी से फैल जाती हैं। फिलहाल प्रधानमंत्री मोदी के बयान के बाद स्थिति पूरी तरह साफ हो चुकी है और विदेश यात्रा पर किसी नए टैक्स की संभावना से इनकार कर दिया गया है। इससे उन लाखों लोगों को राहत मिली है जो आने वाले समय में विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं।
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