समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav के छोटे भाई और भाजपा नेता Aparna Yadav के पति प्रतीक यादव के निधन ने उत्तर प्रदेश की राजनीति और यादव परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। बुधवार को लखनऊ में उनकी मौत की खबर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई। इस बीच अखिलेश यादव का एक बयान चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने कहा कि प्रतीक यादव पिछले कुछ समय से कारोबार में नुकसान के चलते काफी परेशान रहते थे। अखिलेश के इस बयान के बाद लोगों के बीच कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि परिवार की ओर से अभी तक मौत के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।
देर रात बिगड़ी तबीयत, अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
जानकारी के मुताबिक प्रतीक यादव की तबीयत मंगलवार देर रात अचानक बिगड़ गई थी। परिवार के लोग उन्हें तुरंत लखनऊ के सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार जब तक उन्हें अस्पताल लाया गया, तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। इस खबर के सामने आते ही समर्थकों और परिचितों की भीड़ अस्पताल और परिवार के आवास के बाहर जुटने लगी। प्रतीक यादव सार्वजनिक जीवन में ज्यादा सक्रिय नहीं रहते थे, लेकिन राजनीतिक परिवार से जुड़े होने की वजह से उनकी पहचान काफी बड़ी थी। सोशल मीडिया पर भी उनके निधन को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
दो महीने पहले मिले थे, तब भी स्वास्थ्य का ध्यान रखने को कहा था
अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रतीक बहुत ही शांत और अच्छे स्वभाव के इंसान थे। उन्होंने बताया कि करीब दो महीने पहले दोनों भाइयों की मुलाकात हुई थी। उस दौरान भी उन्होंने प्रतीक से अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की बात कही थी। अखिलेश ने कहा कि कारोबार में लगातार आ रहे नुकसान को लेकर वह मानसिक रूप से काफी दुखी रहते थे। हालांकि उन्होंने किसी अन्य कारण का जिक्र नहीं किया। अखिलेश के इस बयान के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि आखिर कारोबारी तनाव कितना गहरा था। राजनीतिक विशेषज्ञ भी इस बयान को बेहद अहम मान रहे हैं क्योंकि परिवार की तरफ से पहली बार किसी तरह की परेशानी का खुलकर जिक्र किया गया है।
सियासी गलियारों में शोक, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
प्रतीक यादव के निधन के बाद समाजवादी पार्टी और भाजपा दोनों दलों के नेताओं ने दुख जताया है। कई नेताओं ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए इसे बेहद दुखद घटना बताया। भाजपा नेता और उनकी पत्नी अपर्णा यादव फिलहाल गहरे सदमे में हैं। परिवार के करीबी लोगों का कहना है कि प्रतीक परिवार को साथ लेकर चलने वाले व्यक्ति थे और सामाजिक संबंधों को हमेशा महत्व देते थे। उनके निधन से यादव परिवार पर दुखों का बड़ा पहाड़ टूट पड़ा है। फिलहाल अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही हैं और बड़ी संख्या में समर्थकों के पहुंचने की संभावना है। पूरे प्रदेश में इस खबर को लेकर संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं।
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