उत्तर प्रदेश में आने वाले दिनों में लोगों की दिनचर्या बदल सकती है. मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने मंगलवार को राजधानी Lucknow स्थित 5 कालिदास मार्ग पर अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की, जिसमें ऑनलाइन क्लासेस और वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा हुई. माना जा रहा है कि केंद्र सरकार की हालिया अपील और देशभर में बदलते हालात को देखते हुए यूपी सरकार पहले से तैयारी करने के मूड में है. बैठक में शिक्षा, प्रशासन, आईटी और परिवहन से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. सूत्रों के अनुसार सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि जरूरत पड़ने पर स्कूलों, कॉलेजों और दफ्तरों को डिजिटल मोड में कैसे संचालित किया जाए ताकि आम लोगों को कम परेशानी हो और कामकाज भी प्रभावित न हो.
पीएम मोदी की अपील के बाद तेज हुई हलचल
हाल ही में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करने और जरूरत पड़ने पर वर्क फ्रॉम होम मॉडल अपनाने की बात कही थी. इसके बाद कई राज्यों में प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं. उत्तर प्रदेश सरकार भी अब इसी दिशा में तेजी से काम करती दिखाई दे रही है. सूत्र बताते हैं कि बैठक में इस बात पर खास जोर दिया गया कि यदि भविष्य में कोई आपात स्थिति बनती है तो शिक्षा और सरकारी सेवाएं बिना रुके जारी रहनी चाहिए. इसके लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, इंटरनेट कनेक्टिविटी और विभागीय समन्वय को मजबूत करने पर चर्चा हुई. सरकार यह भी देख रही है कि ग्रामीण इलाकों में पढ़ने वाले छात्रों तक ऑनलाइन शिक्षा आसानी से कैसे पहुंचाई जाए ताकि किसी बच्चे की पढ़ाई प्रभावित न हो.
स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी दफ्तरों के लिए बन सकता है नया प्लान
बैठक में प्रदेश के स्कूलों और कॉलेजों में डिजिटल क्लासेस को प्रभावी बनाने पर विस्तार से मंथन किया गया. अधिकारियों से कहा गया है कि वे ऐसे मॉडल तैयार करें जिनमें छात्रों को मोबाइल, टैबलेट और ऑनलाइन स्टडी मैटेरियल आसानी से उपलब्ध कराया जा सके. इसके साथ ही सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था लागू करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई. माना जा रहा है कि आईटी, प्रशासनिक और बैक ऑफिस से जुड़े विभागों में जरूरत पड़ने पर घर से काम करने की व्यवस्था लागू की जा सकती है. सरकार यह भी सुनिश्चित करना चाहती है कि ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने पर आम जनता की सेवाएं बाधित न हों. इसी वजह से विभागवार तैयारियों और तकनीकी ढांचे की समीक्षा की जा रही है.
जल्द जारी हो सकते हैं दिशा-निर्देश
सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अधिकारियों से लगातार फीडबैक ले रहे हैं और जल्द ही कुछ अहम दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं. बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर भी चर्चा हुई. सरकार का फोकस इस बात पर है कि यदि परिस्थितियां बदलती हैं तो प्रदेश पहले से पूरी तरह तैयार रहे. अधिकारियों को संभावित व्यवस्थाओं का खाका तैयार करने और सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने के निर्देश दिए जा सकते हैं. फिलहाल सरकार की ओर से कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन जिस तरह से लगातार बैठकों का दौर चल रहा है, उससे साफ है कि योगी सरकार आने वाले समय को लेकर सतर्क मोड में काम कर रही है. ऐसे में प्रदेश के लाखों छात्र, अभिभावक और नौकरीपेशा लोग अब सरकार के अगले फैसले पर नजर बनाए हुए हैं.
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