पश्चिम बंगाल में बीजेपी नेता और विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में अब बड़ा मोड़ सामने आया है। इस सनसनीखेज हत्याकांड की जांच कर रही पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से राज सिंह समेत तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है। हालांकि, राज की मां जामवंती देवी ने बेटे को पूरी तरह निर्दोष बताते हुए पुलिस की कहानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका दावा है कि जिस समय कोलकाता में हत्या हुई, उस दौरान राज उनके साथ यूपी में ही मौजूद था। मां का कहना है कि उनके पास यात्रा, दर्शन और ठहरने से जुड़े कई सबूत हैं, जिनकी जांच होने पर सच्चाई सामने आ जाएगी।
‘मजार पर चादर चढ़ाई, अयोध्या में दर्शन किए’
राज सिंह की मां ने मीडिया से बातचीत में बताया कि 7 मई को वह अपने बेटे और कुछ परिचितों के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए घर से निकले थे। उनके मुताबिक, बलिया से निकलने के बाद सभी लोग लखनऊ पहुंचे और वहीं गेस्ट हाउस में रुके। अगले दिन वे अंबेडकर नगर स्थित किछौछा शरीफ मजार गए, जहां राज ने खुद चादर चढ़ाई। इसके बाद सभी लोग अयोध्या पहुंचे और वहां दर्शन किए। मां का कहना है कि इन सभी जगहों पर कई लोग उन्हें और उनके बेटे को पहचानते हैं। उन्होंने पुलिस से सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि “अगर राज मेरे साथ था, तो वह कोलकाता जाकर हत्या कैसे कर सकता है?”
ढाबे से उठाया गया, रातभर पूछताछ का दावा
जामवंती देवी ने आरोप लगाया कि अयोध्या से लौटते समय जब सभी लोग एक ढाबे पर खाना खा रहे थे, तभी एसओजी टीम वहां पहुंची और राज समेत बाकी लोगों को हिरासत में ले लिया। मां के अनुसार, उन्हें महिला थाने में रखा गया जबकि राज से पूरी रात पूछताछ की गई। अगले दिन उन्हें बताया गया कि कोलकाता पुलिस राज को अपने साथ ले जा रही है। मां का कहना है कि इसके बाद से उन्हें बेटे की कोई जानकारी नहीं मिली। उन्होंने हाथ जोड़कर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका दावा है कि उनका बेटा फंसाया जा रहा है और पूरे मामले की सच्चाई तकनीकी जांच से सामने आ सकती है।
UPI पेमेंट बना जांच का सबसे बड़ा क्लू
दरअसल, 6 मई की रात उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में बाइक सवार बदमाशों ने चंद्रनाथ रथ पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थीं। इस वारदात के बाद पूरे पश्चिम बंगाल में सनसनी फैल गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस को एक टोल प्लाजा पर किए गए यूपीआई पेमेंट से अहम सुराग मिला, जिसके आधार पर यूपी से संदिग्धों को उठाया गया। पुलिस को शक है कि इस हत्याकांड में बाहर से शार्प शूटर बुलाए गए थे। फिलहाल जांच एजेंसियां मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल ट्रांजैक्शन की मदद से पूरे नेटवर्क को खंगाल रही हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या राज सिंह सचमुच इस हत्या में शामिल था या फिर वह गलत समय पर गलत जगह मौजूद था।
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