बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। अभी कल तक जिस घर में बेटी के मैट्रिक पास होने की खुशियां मनाई जा रही थीं, आज वहां चीख-पुकार और मातम का सन्नाटा पसरा है। जिले के सकरा थाना क्षेत्र अंतर्गत बेझा गांव के पास एक सुनसान चौर (मैदानी इलाका) में सोमवार सुबह एक छात्रा का अर्धनग्न अवस्था में शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान होने के बाद जो हकीकत सामने आई, उसने हर किसी की आंखों में आंसू ला दिए हैं।
लापता होने के 15 घंटे बाद मिला शव, दरिंदगी की आशंका
मृतक छात्रा रविवार शाम से ही संदिग्ध परिस्थितियों में घर से लापता थी। परिजनों ने पूरी रात उसे आसपास के इलाकों और रिश्तेदारों के यहाँ ढूंढा, लेकिन उसका कहीं सुराग नहीं मिला। सोमवार की सुबह जब ग्रामीण बेझा गांव के चौर की ओर गए, तो वहां का दृश्य देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। छात्रा का शव अर्धनग्न हालत में झाड़ियों के पास पड़ा था। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई और तुरंत स्थानीय सकरा पुलिस को सूचित किया गया। प्रथम दृष्टया देखने से ही यह स्पष्ट हो रहा था कि छात्रा के साथ दरिंदगी की गई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) भेज दिया है।
गला दबाकर की गई हत्या
पुलिस की प्रारंभिक जांच और घटनास्थल के मुआयने से यह अंदेशा जताया जा रहा है कि छात्रा की हत्या दुष्कर्म के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से की गई है। छात्रा के गले पर गहरे निशान पाए गए हैं, जिससे प्रतीत होता है कि हत्यारों ने उसके ही दुपट्टे से उसका गला घोंट दिया था। परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी का शव घर से लगभग 10 किलोमीटर दूर मिला है, जो इस बात की ओर इशारा करता है कि उसे अगवा कर वहां ले जाया गया या फिर हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए इतनी दूर लाया गया। हालांकि, पुलिस का कहना है कि दुष्कर्म की आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही की जाएगी, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे ‘रेप एंड मर्डर’ के एंगल से ही देखा जा रहा है।
सपनों का अंत: मजदूरी कर पिता ने बेटी को पढ़ाया था
इस घटना ने एक गरीब परिवार के सारे सपने तोड़ दिए हैं। बताया जा रहा है कि छात्रा ने इसी साल बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा द्वितीय श्रेणी से पास की थी। घर में बेटी की सफलता को लेकर उत्साह था और उसके आगे की पढ़ाई की चर्चा हो रही थी। छात्रा के पिता मजदूरी कर किसी तरह परिवार का पेट पालते हैं और उन्होंने तंगी के बावजूद बेटी की पढ़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। घटना की खबर सुनते ही मां गहरे सदमे में है और उसकी स्थिति ऐसी नहीं है कि वह घटनास्थल तक पहुंच सके। गांव के लोग आक्रोशित हैं और अपराधियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं ताकि उनकी बेटी को न्याय मिल सके।
पुलिसिया कार्रवाई और इलाके में बढ़ता तनाव
सकरा थाना पुलिस ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि घटनास्थल के आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ की जा रही है और संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रविवार शाम छात्रा को आखिरी बार किसके साथ देखा गया था। इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही वैज्ञानिक साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर अपराधियों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। फिलहाल, पूरे बेझा गांव और आसपास के क्षेत्रों में इस जघन्य अपराध को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
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