एक अप्रैल से उत्तर प्रदेश में नया वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत हो रही है और इसके साथ ही कई अहम नियम लागू होंगे, जो आम जनता के जीवन पर सीधे असर डालेंगे। सबसे बड़े बदलाव स्कूलों में देखने को मिलेंगे। नए शैक्षणिक सत्र के तहत छात्रों के पढ़ाई के तरीकों में बदलाव आएगा। अब स्कूलों में साइबर क्लब बनाए जाएंगे, जो बच्चों को इंटरनेट के खतरों और मोबाइल गेम्स के गलत इस्तेमाल से बचाएंगे। साथ ही कक्षा 9 से 11 तक व्यवसायिक शिक्षा अनिवार्य की जाएगी, जिससे छात्र जल्दी ही व्यावसायिक कौशल सीख सकेंगे।
छुट्टियों का नया कैलेंडर और परीक्षा प्रणाली
यूपी सरकार ने स्कूलों के लिए नया छुट्टियों का कैलेंडर जारी किया है, जो एक अप्रैल से लागू होगा। साल 2026 में छात्रों को कुल 24 सरकारी और 31 वैकल्पिक छुट्टियां मिलेंगी। स्कूल जुलाई में यूनिट टेस्ट कराएंगे, सितंबर-अक्टूबर में छमाही की परीक्षा और जनवरी-फरवरी में बोर्ड परीक्षा होगी। इस बदलाव से बच्चों और शिक्षकों दोनों के लिए सालभर की योजना आसान होगी और पढ़ाई का सिस्टम और व्यवस्थित होगा।
हाईवे पर सफर और किसानों के लिए बड़ा फायदा
एक अप्रैल से नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर यात्रा महंगी हो जाएगी। NHAI ने नई टोल टैक्स दरें लागू कर दी हैं। हल्के वाहन से लेकर निजी और कमर्शियल वाहनों को 5 से 45 रुपये ज्यादा देने होंगे, जबकि मासिक और वार्षिक पास वाले वाहनों पर ये बदलाव लागू नहीं होगा। वहीं, किसानों के लिए अच्छी खबर यह है कि यूपी सरकार ने गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 160 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है। अब गेहूं का MSP 2585 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है, जिससे किसानों की आय में सीधा और बड़ा लाभ होगा।
स्वास्थ्य और सफाई पर जोर
अप्रैल महीने से स्वास्थ्य विभाग संचारी रोगों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू करेगा। पूरे प्रदेश में साफ-सफाई और स्वास्थ्य जागरुकता को लेकर अभियान चलाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों को मार्गदर्शन और जांच सुविधा उपलब्ध कराएंगी। इस कदम से न सिर्फ रोगों पर नियंत्रण मिलेगा बल्कि आम जनता में स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।
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