उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने न केवल पुलिस प्रशासन को बल्कि पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ जहां दुनिया चांद और सितारों को फतह करने की बात कर रही है, वहीं कानपुर के एक संभ्रांत कहे जाने वाले इलाके में अंधविश्वास और लालच ने एक हस्ते-खेलते परिवार को कालिख से भर दिया। मंगलवार, 31 मार्च 2026 की रात को एक ससुर ने अपनी ही बहू के साथ वह घिनौना काम किया, जिसकी कल्पना भी कोई सभ्य समाज नहीं कर सकता। ‘करोड़पति बनने’ और ‘लक्ष्मी को प्रसन्न करने’ के नाम पर किए गए इस कृत्य ने रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर दिया है। यह वारदात बताती है कि किस तरह आज भी हमारे समाज की जड़ों में तंत्र-मंत्र और ढोंग का जहर घुला हुआ है, जो अपनों को ही अपनों का दुश्मन बना देता है।
‘करोड़पति बनने’ का झांसा और सास की खौफनाक साजिश
पीड़िता द्वारा कानपुर पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, यह पूरी साजिश उसकी सास और ससुर ने मिलकर रची थी। घटना की रात यानी मंगलवार की आधी रात को जब पूरी दुनिया सो रही थी, तब पीड़िता की सास उसके कमरे में पहुंची। उसने अपनी बहू को नींद से जगाया और डराते हुए घर के उस हिस्से में ले गई जहां तंत्र-मंत्र का सामान सजाया गया था। वहां ससुर पहले से ही तांत्रिक वेशभूषा में मौजूद था। सास ने अपनी बहू के कान में फुसफुसाते हुए कहा, “अगर तुम आज रात निर्वस्त्र होकर यह विशेष पूजा करोगी, तो घर की दरिद्रता दूर हो जाएगी और हम रातों-रात करोड़पति बन जाएंगे।” जब बहू ने इस बात का कड़ा विरोध किया और वहां से भागने की कोशिश की, तो सास-ससुर ने उसे बंधक बना लिया और जबरन उसके कपड़े उतारने की कोशिश की। ससुर की गंदी नजर और सास के सहयोग ने उस रात को पीड़िता के लिए एक कभी न भूलने वाला डरावना सपना बना दिया।
लोकलाज के डर को छोड़, पीड़िता पहुंची थाने
अंधविश्वास की वेदी पर अपनी अस्मत दांव पर लगाने वाली कानपुर घटना के बाद पीड़िता पूरी तरह से टूट चुकी थी। उसे उम्मीद थी कि शायद उसका पति उसकी बात सुनेगा, लेकिन घर के माहौल और ससुर के रसूख के आगे सब मौन रहे। बुधवार की सुबह जब उसे दोबारा उसी पूजा को दोहराने की धमकी दी गई, तो पीड़िता ने अपनी चुप्पी तोड़ने का फैसला किया। उसने लोकलाज और समाज के तानों की परवाह न करते हुए सीधा पुलिस स्टेशन का रुख किया। महिला की आपबीती सुनकर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी भी दंग रह गए। आनन-फानन में पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया और मेडिकल जांच के लिए भेजा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल छेड़छाड़ या प्रताड़ना का नहीं है, बल्कि यह गंभीर मानसिक विक्षिप्तता और अंधविश्वास से जुड़ा एक ऐसा अपराध है जिसमें पूरा परिवार शामिल पाया गया है।
समाज के लिए बड़ी चेतावनी: लालच और ढोंग का भयावह अंत
कानपुर की यह वारदात एक गंभीर चेतावनी है कि कैसे ‘शॉर्टकट से अमीर बनने’ की चाहत इंसान को हैवान बना देती है। तांत्रिकों के चंगुल में फंसकर लोग अपने ही परिवार की बहू-बेटियों को बलि का बकरा बनाने से नहीं हिचकते। मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि ऐसे मामलों में अपराधी अक्सर धार्मिक कट्टरता और गरीबी या लालच का सहारा लेकर पीड़ित को मानसिक रूप से कमजोर कर देते हैं। इस घटना ने कानपुर में एक नई बहस छेड़ दी है कि क्या हमारी शिक्षा प्रणाली और कानून ऐसे ढोंगियों को रोकने में सक्षम हैं? फिलहाल, आरोपी ससुर और इस घिनौने कृत्य में बराबर की भागीदार सास पुलिस की गिरफ्त में हैं। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस परिवार के पीछे कोई ऐसा बाहरी तांत्रिक भी है जो इन्हें ऐसे कृत्य करने के लिए उकसा रहा था। पीड़िता को फिलहाल सुरक्षा दी गई है और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक मोड में चलाने की मांग उठ रही है।
